केन्द्रीय जेल रीवा की गौशाला को प्रदेश में मिला दूसरा स्थान, मुख्यमंत्री ने प्रदान की पचास हजार की प्रोत्साहन राशि

रीवा 21 अक्टूबर 2021. केन्द्रीय जेल रीवा में स्थापित मध्यप्रदेश गौपालन
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21 Oct 2021
गौवंश की सुरक्षा तथा ऐरा प्रथा रोकने के प्रबंध करें – कलेक्टर

रीवा 21 अक्टूबर 2021. कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने जिले की
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21 Oct 2021
रबी फसलों की बुवाई – किसान भाइयों को सलाह

रीवा 20 अक्टूबर 2021. रबी फसल की बुआई का समय प्रारंभ
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20 Oct 2021
वर्षा से प्रभावित फसलों की क्षति का सर्वे कराया जाएगा , सर्वे कराकर देंगे सहायता राशि – मुख्यमंत्री

रीवा 19 अक्टूबर 2021.मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि
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19 Oct 2021
सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें – कलेक्टर

रीवा 18 अक्टूबर 2021. कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर
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18 Oct 2021
जरूरतमंदों को वितरित किये गये वस्त्र एवं खिलौने

सुदिशा फाउंडेशन द्वारा उपहार-(कपड़ा एवं खिलौना बैंक) परियोजना का किया गया
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17 Oct 2021
रीवा को शिक्षा के क्षेत्र में मजूबत बनाने के लिये कोई कसर नही छोडी जायेगी : पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय रीवा परिसर में निर्माण कार्यों का
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16 Oct 2021
विधानसभा अध्यक्ष ने डॉ. कुशल प्रसाद शास्त्री को श्रद्धांजलि दी

रीवा 16 अक्टूबर 2021. विधानसभा अध्यक्ष श्री गिरीश गौतम ने ग्राम
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16 Oct 2021
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पोर्ट ब्लेयर में ऐतिहासिक सेल्युलर जेल स्थित शहीद स्तंभ पर महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर समेत सभी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह अपनी तीन दिवसीय अंडमान-निकोबार यात्रा के पहले दिन आज पोर्ट ब्लेयर में ऐतिहासिक सेल्युलर जेल स्थित शहीद स्तंभ गए और महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर समेत सभी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्री अमित शाह ने सेल्युलर जेल का दौरा भी किया। उन्होंने गो-गो टूरिस्ट बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल (सेवानिवृत्त) डी के जोशी और केन्द्रीय गृह सचिव समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। श्री अमित शाह ने आज़ादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें दूसरी बार आज़ादी के इस तीर्थस्थल पर आने का मौक़ा मिला है और वो जब भी यहां आते हैं, एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये वो जगह है जहां अनेक जाने-अनजाने स्वतंत्रता सेनानियों ने अमानवीय यातनाएं सहकर और अपना सर्वस्व बलिदान देकर भी वंदे मातरम और भारत माता की जय का उद्घोष किया है। देशभर के लोगों के लिए अंग्रेज़ों द्वारा बनाई गई ये सेल्युलर जेल सबसे बड़ा तीर्थस्थान है और इसीलिए सावरकर जी कहते थे कि तीर्थों में ये महातीर्थ है जहां आज़ादी की ज्योति प्रज्वलित करने के लिए अनेकानेक हुतात्माओं ने बलिदान दिए हैं। श्री अमित शाह ने कहा कि उनकी इस तीर्थस्थान की ये यात्रा इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये वर्ष आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है, आज़ादी के संग्राम से प्रेरणा लेकर फिर से अपने आप को देश के लिए समर्पित करने का वर्ष है और जब देश की आज़ादी के सौ साल पूरे होंगे, तब भारत कितना महान होगा, इसका संकल्प लेने का वर्ष है। उन्होंने कहा कि इसीलिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस वर्ष को बहुत उत्साह के साथ आज़ादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है और देश की जनता इस फ़ैसले से ना केवल ख़ुश है बल्कि इसमें सहभागी बनने के लिए उत्साहित भी है। श्री शाह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की इस तपोस्थली, संकल्पस्थली पर आज सबसे पहले हज़ारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और उनके संकल्प को सम्मानपूर्वक नमन करता हूं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज विजयादशमी है और इस दिन को बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है और आज़ादी का ये तीर्थस्थल भी बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यहीं पर ये संकल्प लिया गया था कि भारत को कोई ग़ुलाम नहीं रख सकता, कितना भी ताक़तवर शासन हो, उसे कोई अधिकार नहीं है इस महान देश को ग़ुलाम बनाने का। उन्होंने कहा कि देश को आज़ाद हुए 75 साल होने वाले हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में अपना स्थान प्रथम पंक्ति के लोकतांत्रिक देश के नाते प्रस्थापित किया है और आज उन सभी हुतात्माओं को सुकून और शांति का अनुभव होता होगा। श्री अमित शाह ने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जिस रास्ते पर आगे बढ़ा है और जिस रास्ते पर चलकर सात साल में लंबी मंज़िल काटकर हम यहां खड़े हैं, वो पीछे मुड़ने का नहीं बल्कि आगे बढ़ने का रास्ता है। ये रास्ता सावरकार, सान्याल और भाई परमानंद जैसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों की संकल्पना का भारत बनाने का रास्ता है। श्री अमित शाह ने कहा कि आज उन्होंने स्वतंत्रता वीर सचिन सान्याल जी की कोठरी में जाकर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया और ये उनके लिए भावविभोर होने वाला क्षण था। सभी स्वतंत्रता सेनानियों में सचिन सान्याल ही एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें दो बार कालापानी की सज़ा दी गई थी। पश्चिम बंगाल का देश के स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा और विशिष्ट योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा स्वतंत्रता सेनानी बंगाल और पंजाब से यहां पर आए। ये पूरे देश के लिए गौरव की बात है कि जब सचिन सान्याल इतनी यातनाएं सहन करने के बाद जब वापस गए तो भी उन्होंने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ संघर्ष नहीं रोका और मां भारती को ग़ुलामी की ज़ंजीरों से स्वतंत्र कराने का अपना अभियान भी नहीं रोका। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज यहां वीर सावरकर को याद किए बिना कैसे रह सकते हैं। सेल्युलर जेल को अपने मनोभाव से तीर्थस्थान बनाने का काम सावरकर जी ने किया। उन्होंने पूरी दुनिया में एक संदेश दिया कि कितनी भी यातनाएं दो, कितना भी अमानवीय बर्ताव कर लो, लेकिन मेरे देश को स्वतंत्र करने के मेरे जन्मसिद्ध अधिकार को आप रोक नहीं सकते और इसकी सिद्धि वीर सावरकर ने यहां की। श्री शाह ने कहा कि आज उन्होंने यहां सभी तत्कालीन यातनास्थल देखे और दस साल में सावरकर जी ने ना जाने कितने अत्याचार सहे और कितने ही स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी पर चढ़ते देखा और फिर भी वीर सावरकर दृढ़ता के साथ स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े रहे। श्री अमित शाह ने कहा कि वीर सावरकर को वीर की उपाधि सरकार या प्रशासन ने नहीं दी, बल्कि 130 करोड़ों लोगों ने सावरकर जी के नाम के आगे वीर शब्द जोड़ा है और उनके पराक्रम और देशभक्ति की स्वीकारोक्ति के लिए जोड़ा है। उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग सावरकर जी के जीवन पर सवाल उठा रहे हैं, बड़ा दुख होता है, दर्द होता है, वेदना होती है कि जिस व्यक्ति को एक ही जीवन में दो बार सज़ा हुई, उस व्यक्ति की देशभक्ति पर आप सवाल उठा रहे हैं। जिस व्यक्ति ने कई किलोमीटर दूर स्टीमर से छलांग लगाकर भारत के लिए लड़ने का फ़ैसला किया, फ़्रांस की धरती पर जाने का फ़ैसला किया, उस व्यक्ति की वीरता पर आप प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। जो कोल्हू का बैल बनकर 30 पाउंड तेल निकालने की सज़ा झेलता रहा, उस व्यक्ति की देशभक्ति पर आप सवाल उठा रहे हैं, ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए। एक बार इस तीर्थस्थान पर आकर देखो, आपकी सभी शंकाओं का समाधान हो जाएगा।
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15 Oct 2021
दीपावली के पूर्व 2.51 लाख आवासहीन परिवारों को मिलेगी अपने आवास की सौगात

अपने स्वयं के घर में गृह प्रवेश कर मनाएंगे दीपोत्सव बैगा,
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15 Oct 2021
पूर्व मंत्री श्री शुक्ल ने दो एडवांस सुविधायुक्त एंबुलेंस को दिखायी हरी झण्डी

रीवा 14 अक्टूबर 2021. मेडिकल कालेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में
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14 Oct 2021
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 21 हजार 550 लाड़ली लक्ष्मी को 5 करोड़ 99 लाख रूपये की छात्रवृत्ति अंतरित की

लाड़ली लक्ष्मी उत्सव में मुख्यमंत्री ने लाड़लियों को वर्चुअली सम्बोधित किया
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14 Oct 2021
