विंध्य विकास के उड़ान पायलट: उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

विंध्य विकास के उड़ान पायलट: उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

जन्मदिन विशेष — 17 अगस्त 2026

“जो कहा, वो किया” — यदि उपमुख्यमंत्री एवं रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल के व्यक्तित्व और कार्यशैली को एक वाक्य में परिभाषित करना हो, तो इससे बेहतर शायद ही कोई दूसरा वाक्य हो।

17 अगस्त 1964 को रीवा के प्रख्यात संविदाकार स्व. भैयालाल शुक्ल तथा धर्म परायण स्व. श्रीमती विद्या देवी  के पुत्र के रुप मे जन्मे राजेंद्र शुक्ल का आज जन्मदिन है। विकास पुरुष, विश्वकर्मा, गौसेवक और सनातन प्रेमी जैसे आत्मीय संबोधनों से उनके समर्थक और स्नेहीजन उन्हें पुकारते हैं। लेकिन इन संबोधनों के पीछे सबसे बड़ा कारण है उनका वह कार्य करने का स्वभाव, जिसमें घोषणा के बाद उसे पूरा करने का संकल्प दिखाई देता है।

चुनावी राजनीति में आने के बाद उन्होंने रीवा की जनता के सामने जो विकास का संकल्प-पत्र रखा था, उन  संकल्पों को उन्होंने शतप्रतिशत जमीन पर उतारकर दिखाया है। आज रीवा में जो नए कार्य दिखाई दे रहे हैं, वे केवल घोषणाओं की पूर्ति नहीं, बल्कि विकास के अगले चरण के उपहार हैं। यही उपहार आने वाले समय में रीवा और पूरे विंध्य की विकास गति को नई ऊंचाई देने वाले हैं।

राजेंद्र शुक्ल अक्सर कहते हैं—“अभी तो ट्रेलर है, पूरी पिक्चर बाकी है।”
आज रीवा और विंध्य में जिस तरह विकास की नई गाथा लिखी जा रही है, उसे देखकर यह कथन महज राजनीतिक संवाद नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य की दिशा का संकेत प्रतीत होता है।

रीवा से देश के बड़े शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी

रीवा के लिए हवाई सेवा कभी एक कल्पना जैसी थी। आज वही रीवा एयरपोर्ट विंध्य क्षेत्र की आकांक्षाओं को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ रहा है।

रीवा से दिल्ली के लिए 72-सीटर विमान सेवा की शुरुआत 10 नवंबर 2025 को हुई। इसके बाद 22 दिसंबर 2025 को रीवा-इंदौर हवाई सेवा शुरू हुई। 17 मार्च 2026 को रीवा रायपुर से जुड़ा और 9 अगस्त 2026 से रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए भी सीधी उड़ान सेवा प्रारंभ हो गई।

इस प्रकार एक वर्ष से भी कम समय में रीवा दिल्ली, इंदौर, रायपुर, भोपाल और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों से हवाई सेवा के माध्यम से जुड़ गया।

रीवा-इंदौर सेवा इंडिगो द्वारा संचालित है, जबकि अन्य प्रमुख सेवाओं में एलायंस एयर की भूमिका है।

कुछ वर्ष पहले तक रीवा और विंध्य के लोगों को हवाई यात्रा के लिए प्रयागराज, वाराणसी, जबलपुर अथवा खजुराहो जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। आज रीवा स्वयं एक सक्षम हवाई केंद्र के रूप में उभर रहा है।

यह परिवर्तन केवल एक एयरपोर्ट का विकास नहीं है। यह विंध्य की आर्थिक संभावनाओं, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के लिए नए दरवाजे खोलने वाला परिवर्तन है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सोच को जमीन पर उतारने वाला नेतृत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश की सोच को जमीन पर उतारने में राजेंद्र शुक्ल एक सक्रिय सारथी के रूप में दिखाई देते हैं।

उनकी कार्यशैली में विकास के प्रति स्पष्ट दृष्टि, प्रशासनिक सक्रियता और लगातार परिणाम देने की इच्छा दिखाई देती है। यही कारण है कि वे केवल रीवा की राजनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रभावशाली नेताओं में अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं।

उनके सरल स्वभाव, सहज व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण आम लोगों के बीच भी उनकी स्वीकार्यता बनी है।

गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी का प्रसंग

राजेंद्र शुक्ल के व्यक्तित्व को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े एक प्रसंग की चर्चा करता हूँ।

25- 26 मई 2026 को गृहमंत्री बीकानेर के बीएसएफ कैंप के दौरे मे थे। 26 मई मंगलवार के दिन धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। इसी दौरान वहां सेवा दे रहे रीवा निवासी एक धर्मगुरु से उनका परिचय हुआ। बातचीत में जब उन्हें पता चला कि वे शुक्ल परिवार से संबंधित हैं, तो उन्होंने राजेंद्र शुक्ल के बारे में सकारात्मक टिप्पणी करते हुए उन्हें अच्छा और सच्चा व्यक्ति बताया तथा कहा कि पार्टी ने उन्हें उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी इसी विश्वास के साथ दी है।

यह प्रसंग राजेंद्र शुक्ल के व्यक्तिगत चरित्र के प्रति शीर्ष नेतृत्व के विश्वास को रेखांकित करने वाला माना जाता है।

अब आगे की तस्वीर

राजेंद्र शुक्ल के विकास कार्यों की सूची इतनी लंबी है कि उसे एक लेख में समेटना कठिन है। इसलिए आज उनके पूर्ण हो चुके कार्यों से अधिक उन योजनाओं की चर्चा आवश्यक है, जो आने वाले समय में रीवा और विंध्य की तस्वीर बदल सकती हैं।

रीवा के कालेज चौराहे पर आकार ले रहा आईटी पार्क, मऊगंज का फूड पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर में ग्लोबल स्किल पार्क, मऊगंज में  उर्वरक संयंत्र, रीवा एयरपोर्ट के विस्तार की संभावनाएं, मुकुंदपुर टाइगर सफारी का विस्तार, संस्कृत विश्वविद्यालय और कैंसर अस्पताल जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने वाली हैं।

इसके साथ ही दोपहिया और चारपहिया वाहन निर्माण से जुड़ी कंपनियों को विंध्य में लाने के प्रयास भी औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं।

प्राकृतिक खेती, बड़ी गौशालाओं के निर्माण तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

पानी से समृद्धि की ओर

देश प्रदेश और यह  क्षेत्र कृषि प्रधान है ऐसे मे विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता पानी है। राजेंद्र शुक्ल इस तथ्य को बखूबी समझते हैं कि खेत हो या उद्योग—दोनों के लिए पानी विकास की आधारभूत आवश्यकता है।

बाणसागर की नहरों के माध्यम से रीवा के खेतों में सिंचाई का विस्तार इसी सोच का परिणाम है। अब विंध्य के दूसरे क्षेत्रों को भी सिंचाई की नई परियोजनाओं से जोड़ने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

बरगी बांध से आने वाली नहरों का पानी सतना, मैहर, पन्ना, रीवा और आसपास के क्षेत्रों की कृषि समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

इसी क्रम में भारत की सबसे लंबी भूमिगत गुरुत्वाकर्षण प्रवाह आधारित जल सुरंग परियोजना का पूरा होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, पन्ना और रीवा सहित बड़े क्षेत्र की सिंचाई क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

यह तथ्य भी राजेंद्र शुक्ल की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है कि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ उनकी पहली बैठक में इस महत्वपूर्ण जल परियोजना की प्रगति पर विशेष जोर रहा।

उनकी विकास दृष्टि स्पष्ट है—पानी आएगा तो खेती समृद्ध होगी, खेती समृद्ध होगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पर्याप्त जल उपलब्ध होगा तो उद्योगों के लिए भी नई संभावनाएं पैदा होंगी।

विकास की उड़ान अभी जारी है

रीवा में एयरपोर्ट से लेकर आईटी पार्क तक, सिंचाई से लेकर उद्योग तक, पर्यटन से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा तक—विकास के अनेक आयाम एक साथ आकार लेते दिखाई दे रहे हैं।

यही कारण है कि राजेंद्र शुक्ल को केवल वर्तमान विकास योजनाओं के लिए नहीं, बल्कि विंध्य के भविष्य की संभावनाओं के लिए भी देखा जा रहा है।

उनकी राजनीति का केंद्र यदि कोई एक शब्द है, तो वह है—विकास और इस कार्य को साकार करने मे उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता शुक्ला एक समझदार साथी के रूप मे उन्हें सतत साथ देतीं हैं।

आज उनके जन्मदिन पर यही कामना है कि वे इसी ऊर्जा, संकल्प और सक्रियता के साथ विंध्य, मध्यप्रदेश और देश की सेवा में निरंतर लगे रहें।

मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।

ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर जनसेवा की शक्ति प्रदान करें। रीवा, विंध्य और मध्यप्रदेश के विकास की यह यात्रा इसी प्रकार आगे बढ़ती रहे— जैसा कि राजेंद्र शुक्ल कहते हैं—

“अभी तो ट्रेलर है, पूरी पिक्चर बाकी है।”

अजय नारायण त्रिपाठी “ अलखू ”
17 अगस्त 2026

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