द ग्रेट शोमैन राज कपूर की याद को रीवा मे चिरस्थाई बनाया कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम ने

14 दिसंबर द ग्रेट शोमैन स्व. राज कपूर  का जन्मदिन है। 14 दिसंबर सन 1924 को राज कपूर का जन्म अविभाजित भारत  के पेशावर में हुआ था। पिता पृथ्वीराज कपूर महान अभिनेता रंगकर्मी के सुपुत्र होने के कारण फिल्मों से आपका लगाव सहज रहा। स्कूल की पढ़ाई से ज्यादा ध्यान राज कपूर  का फिल्मों मे रहा ।फिल्म निर्माण और अभिनय को सब कुछ मानकर राजकपूर महान सफल फिल्म निर्माता और अभिनेता बने ।जिनकी शोहरत देश ही नहीं विदेशों में भी रही और आज भी है ।
राज कपूर का विवाह 12 मई 1946 को तत्कालीन रीवा आईजी पुलिस करतार नाथ मल्होत्रा की बेटी कृष्णा मल्होत्रा के साथ रीवा में हुआ। सिरमौर चौराहे के पास आज जहां इनकी वैवाहिक याद को चिरस्थाई बनाने के लिए कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम बना दिया गया है वहीं पर रीवा राज्य के इंस्पेक्टर जनरल पुलिस का बंगला हुआ करता था। स्वतंत्रता के बाद यह रीवा पुलिस अधीक्षक का बंगला बना ।उसी बंगले में कृष्णा मल्होत्रा अपने माता-पिता भाई बहनों के साथ रहती थींं। करतार नाथ मल्होत्रा और पृथ्वीराज कपूर सगे संबंधी थे  इस लिहाज से इनका आपस में  परिचय था। कृष्णा मल्होत्रा के बड़े भाई प्रेमनाथ मल्होत्रा फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए आज की मुंबई तत्कालीन बाम्बे पृथ्वीराज कपूर के पास जा चुके थे ।इन्हीं के साथ एक बार राज कपूर रीवा आये और पहली ही नजर मे कृष्णा मल्होत्रा को दिल दे बैठे बाद में उनकी शादी हो गई और कृष्णा मल्होत्रा मुंबई वासी हो गई ।लेकिन ना तो कभी कृष्णा कपूर ने रीवा को भुलाया और न ही राज कपूर ने ।उनके मन में सदा रीवा की अच्छी यादें हमेशा बनी रही। अपनी भाभीजी कृष्णा के साथ  एक बार शम्मी कपूर रीवा आये और उन्हें रीवा बहुत अच्छा लगा।
 अपने फिल्मी जीवन में राज कपूर ने रीवा का नाम आह फिल्म में दर्ज किया तो अपनी पहली निर्मित फिल्म आग में उन्होंने वही कार इस्तेमाल की जिसे उन्होंने रीवा से खरीदा था । इस कार को राज कपूर ने वर्षों तक सहेज रखा था बाद में इनके बेटों ने जब इसे कबाड़ी को बेचा तो उन्होंने बहुत दुख व्यक्त किया था। आज के मुंबई में कृष्णा राज कपूर का परिवार रीवा  को सम्मान सहित याद करता है क्योंकि इनके माता-पिता के नाम पर यहां यादगार रूप में एक भव्य ऑडिटोरियम निर्मित कर दिया गया है। आडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वैवाहिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाने लगा है जिससे इसका रखरखाव ढंग से किया जा सके।
 वैसे भी यह एक अभिनेता का विवाह स्थल है तो रंगकर्म सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वैवाहिक कार्यक्रमों का आयोजन अभिनेता को सम्मान देने जैसा ही है ।
यह आडोटोरियम रीवा विधायक और उस समय के कैबिनेट मंत्री वर्तमान पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल की देन है। उनके ही अथक प्रयास का  फल है कि ऑडिटोरियम आज रीवा की शान बन सका है कृष्णा राज कपूर के वैवाहिक स्थल को चिर स्मरणीय बनाया जा सका। ग्रेट शोमैन राज कपूर की जब बात होगी तो रीवा की भी बात होगी इस स्थान की बात होगी आडिटोरियम की बात होगी और बात होगी उस भगीरथ राजेन्द्र शुक्ल की जिन्होंने इस स्मरणीय स्थल को मूर्त रूप दिया है । राजेन्द्र शुक्ल ने कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम बनाकर राज कपूर की स्मृतियों को रीवा में चिरस्थाई बना दिया  है।
अजय नारायण त्रिपाठी “ अलखू “
14 दिसंबर 2020
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