सीधी के रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र में पहली बार पहुंची रेल, विंध्य में विकास के नए युग का शुभारंभ

सीधी के रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र में पहली बार पहुंची रेल, विंध्य में विकास के नए युग का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से हुए शामिल
सतना-देवेंद्र नगर एवं रीवा-चुरहट रेलखंडों का लोकार्पण, देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा का शुभारंभ
दिसंबर 2026 तक सीधी और 2028 तक सिंगरौली तक रेल लाइन पूर्ण करने का लक्ष्य
विंध्य और बुंदेलखंड विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
रेल कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति – मुख्यमंत्री
विंध्य और बुंदेलखंड के लिए लाइफलाइन बनेगी यह रेलवे लाइन – केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव
रीवा 24 अक्टूबर 2026. विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में 24 अक्टूबर
2026 का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ। सतना-देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर तथा रीवा-चुरहट
के 65 किलोमीटर रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। साथ ही देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा का शुभारंभ हुआ। इस
उपलब्धि के साथ सीधी जिले का रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र पहली बार रेल सेवा से जुड़ गया है। इससे क्षेत्र के
लोगों को आवागमन का नया साधन मिलने के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के अवसरों
को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और रीवा सांसद
जनार्दन मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। नागौद से नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा
बागरी, खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, सतना सांसद गणेश सिंह तथा नागौद विधायक नागेंद्र सिंह ने भी
वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज विंध्य और बुंदेलखंड को नई रेल सेवा की सौगात
मिली है, जिससे दीपावली की रौनक और बढ़ गई है। अब तक रेल सेवा से वंचित रहे क्षेत्र विकास के नए दौर
में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना मध्य प्रदेश और
उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों को जोड़ेगी तथा विकास के नए अवसर खोलेगी। खनिज संसाधनों से समृद्ध इस
क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में रेल विकास के नए अवसर साकार हो रहे हैं। प्रदेश में 1.15 लाख करोड़
रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगतिरत है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से किसानों को अपनी
उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, उद्योगों के नए अवसर विकसित होंगे तथा युवाओं को रोजगार
मिलेगा। साथ ही, लोगों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज विंध्य और बुंदेलखंड के लिए विकास की
लाइफलाइन जुड़ने का दिन है। इस क्षेत्र के लोगों का रेल कनेक्टिविटी का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के
नेतृत्व में पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में
दूरस्थ अंचलों तक सड़क नेटवर्क का विस्तार किया गया, उसी प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में
देशभर में रेलवे नेटवर्क का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली

रेल लाइन के दो महत्वपूर्ण खंडों का कार्य पूरा होना क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह रेल
लाइन ऊर्जा और उद्योगों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी तथा विंध्य क्षेत्र को औद्योगिक कॉरिडोर के
रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ाएगी।

रेल मंत्री ने मध्य प्रदेश में नई रेल लाइनों के निर्माण और दोहरीकरण की परियोजनाओं का
उल्लेख करते हुए ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन, कटनी-सिंगरौली रेल लाइन के दोहरीकरण तथा रीवा-सतना
रेलखंड के दोहरीकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में लंबी दूरी की
अनेक ट्रेनें और मेमू सेवाएं शुरू करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के
विस्तार और आधुनिकीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे विभाग सेवा भाव के
साथ कार्य कर रहा है। रेल परियोजनाओं के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही
है। परियोजनाओं के दौरान जितने पेड़ काटे जाएंगे, उनकी तुलना में चार गुना पौधारोपण किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज सपनों के साकार होने का ऐतिहासिक दिन है। वर्ष
2016 में तत्कालीन रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने जिस रेल परियोजना की नींव रखी थी, वह वर्ष 2026 में साकार
हो रही है। यह रेल लाइन प्रदेश की ऊर्जाधानी सिंगरौली को रीवा और सतना के सीमेंट उद्योगों से जोड़ने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए औद्योगिक क्रांति,
पर्यटन क्रांति और कृषि क्रांति आवश्यक हैं, जिनकी आधारशिला मजबूत अधोसंरचना होती है। विंध्य क्षेत्र में
रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं निर्मित हो रही हैं। रीवा-सीधी-
सिंगरौली रेल लाइन के साथ रीवा-सीधी फोरलेन और सीधी-सिंगरौली फोरलेन सड़क परियोजनाओं पर भी कार्य
प्रगतिरत है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा हवाई अड्डे के लोकार्पण के एक वर्ष के भीतर ही पांच स्थानों के
लिए नियमित हवाई सेवाएं संचालित होने लगी हैं और अब तक 50 हजार से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ
ले चुके हैं। बेहतर रेल, सड़क और हवाई संपर्क से उद्योगों की स्थापना, कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन
गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे
तथा लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होगी।

सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि आज जिले में विकास की गाथा लिखी जा रही है और
हम सभी इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बन रहे हैं। लंबे इंतजार और निरंतर प्रयासों के बाद यह ऐतिहासिक
अवसर आया है। उन्होंने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार दिसंबर 2026 तक रेल लाइन को सीधी तक
तथा वर्ष 2028 तक सिंगरौली तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में
व्यापार, रोजगार और शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी
और आर्थिक गतिविधियों को गति प्राप्त होगी। सांसद ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव तथा पूर्व सांसदों के प्रयासों के प्रति आभार
व्यक्त किया।

रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि जिस ट्रेन सेवा की परिकल्पना वर्ष 1956 में की गई थी,
उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गति मिली है और यह अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। उन्होंने रेल
संपर्क के विस्तार को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास और
कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों के विकास से विंध्य क्षेत्र की
औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में उपलब्ध चूना पत्थर और अन्य खनिज

संसाधनों को देखते हुए रेल मार्ग सीमेंट, क्लिंकर तथा अन्य माल के परिवहन के लिए उपयोगी होगा। इससे
औद्योगिक इकाइयों को परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर
रेल कनेक्टिविटी से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। वहीं, मुकुंदपुर स्थित व्हाइट
टाइगर सफारी सहित क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने की
संभावना है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से होटल, परिवहन और स्थानीय बाजारों को लाभ मिल सकता है
तथा रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

चुरहट में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, पूर्व मंत्री पुष्पराज सिंह,
चुरहट के पूर्व विधायक शरदेंदु तिवारी, देव कुमार सिंह चैहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक
एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर विकास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी,
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौम्या आनंद सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी
एवं रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे। सीधी जिले के रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र का पहली बार रेल सेवा से जुड़ना
स्थानीय जनजीवन, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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