स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने 16 जुलाई से हर बैंक शाखा में लगेंगे मेले

स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने 16 जुलाई से हर बैंक शाखा में लगेंगे मेले
स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा बैठक में बैंकों और विभागों को 31 जुलाई तक लक्ष्य पूरा करने कलेक्टर ने दी हिदायत
रीवा 07 जुलाई 2026. कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रीवा जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय अधिकारी और बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे, जिन्हें कलेक्टर ने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को 31 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की स्वरोजगार योजनाओं का मुख्य उद्देश्य युवाओं और जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न विभागों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस दौरान कलेक्टर ने कुछ विभागों और बैंकों के ढीले रवैये पर असंतोष जताया और निर्देश देते हुए कहा कि बैंकों में जो भी स्वरोजगार के आवेदन लंबित हैं, उन्हें बिना किसी देरी के स्वीकृत कर राशि वितरित कराए। अधिकारी और बैंक शाखा प्रबंधक आपस में बेहतर तालमेल बनाएं ताकि आवेदकों को विभागों या बैंकों का चक्कर न काटना पड़े। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग वित्तीय वर्ष के निर्धारित भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करें। ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी।
शासन की महत्वाकांक्षी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आगामी 16 जुलाई से जिले की प्रत्येक बैंक शाखा में स्वरोजगार योजनाओं के विशेष मेलों का आयोजन किया जाए। इन मेलों का मुख्य उद्देश्य आवेदकों के विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के लंबित आवेदनों का त्वरित निराकरण करना है। कलेक्टर ने अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मेलों के दौरान हितग्राहियों के आवेदनों में आ रहे तकनीकी या कागजी व्यवधानों को मौके पर ही दूर किया जाए। अक्सर देखा जाता है कि छोटे-मोटे व्यवधानों की वजह से हितग्राहियों को ऋण की राशि का वितरण नहीं हो पाता है। इन मेलों के माध्यम से हमारा लक्ष्य सभी बाधाओं को दूर कर ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों को स्वीकृत कराना है, ताकि युवाओं को समय पर स्वरोजगार का अवसर मिल सके। कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इन मेलों की रूपरेखा तैयार कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न योजनाओं सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर सहित विभिन्न विभागों के अधिकार और बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।