विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अधिकारी समन्वय से प्रयास करें – कमिश्नर

विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अधिकारी समन्वय से प्रयास करें – कमिश्नर जल गंगा संवर्धन अभियान में हर व्यक्ति योगदान दे – कमिश्नर रीवा 28 अप्रैल 2026. कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि सभी अधिकारी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समन्वय से प्रयास करें। स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं एवं शिशुओं की स्वास्थ्य रक्षा के लिए मिलकर प्रयास करें। कार्य योजना बनाकर ग्राम स्तर तक एक-दूसरे से सहयोग करते हुए कुपोषण पर नियंत्रण गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और नियमित जाँच तथा शिशुओं के टीकाकरण के प्रयास करें। दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी विकासखण्ड स्तर पर संयुक्त बैठक करके मैदानी अमले को सेंसिटाइज करें। हर माता और शिशु के प्राणों की रक्षा करना हमारा दायित्व है। शासन द्वारा निर्धारित समीक्षा बैठक भी तय समय पर आयोजित करें। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग जिला स्तर की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित कराएं। इनमें लिए गए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कमिश्नर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति संतोषजनक नहीं है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में इस अभियान को व्यापक पैमाने पर चलाएं। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजनता का सहयोग लेकर जल संरक्षण के कार्य करें। प्राचीन बावड़ी, कुंओं, तालाबों तथा नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई कराएं। अभियान में शामिल विभागों की कार्ययोजना के अनुसार जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य कराएं। कार्यपालन यंत्री जल संसाधन अभियान चलाकर नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराने और साफ-सफाई के प्रयास करें। अब तक की विभागीय उपलब्धि बहुत कम है। संयुक्त संचालक कृषि तथा उद्यानिकी प्रत्येक क्लस्टर में जल संरक्षण से संबंधित कार्यशाला आयोजित करें। इनमें विभागीय योजनाओं की भी जानकारी किसानों को दें। बलराम तालाब, स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई के लिए किसानों का चयन कर लक्ष्य के अनुसार उन्हें लाभान्वित करें। संभाग के सभी नगर निगम क्षेत्रों तथा नगर परिषदों में भी जल संरक्षण, संवर्धन और साफ-सफाई का अभियान चलाएं। शिक्षा विभाग, मछलीपालन विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग जल संरक्षण कार्यों पर विशेष ध्यान दें। अधीक्षण यंत्री पीएचई नलजल योजनाओं की जियो टैगिंग तथा हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट बनाने का कार्य तत्परता से कराएं। जल संरक्षण के कार्यों की जानकारी फोटो सहित पोर्टल पर अपलोड करें तथा जनसम्पर्क विभाग को उपलब्ध कराकर प्रचार-प्रसार कराएं। कमिश्नर ने कहा कि गेंहू उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसानों के लिए पानी, छाया, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं कराएं। खरीदी केन्द्रों में आवश्यक मात्रा में बारदाने उपलब्ध कराएं जिससे उपार्जन में किसी तरह की बाधा न आए। उपार्जित गेंहू का तत्काल उठाव कराकर सुरक्षित भण्डारण कराएं और किसान को तीन दिन में राशि का भुगतान कराएं। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति की हर माह बैठक आयोजित करें। प्रसव के दौरान माता अथवा शिशु के मौत की प्रत्येक घटना का निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार आडिट कराएं। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्यवाही करें। निक्षय अभियान के तहत समाजसेवियों से संपर्क करके प्रत्येक क्षय रोगी को अतिरिक्त पोषण आहार के लिए फूड बास्केट उपलब्ध कराएं। पोषण पुनर्वास केन्द्र की सभी सीटों में कम पोषित बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करें। बैठक में कमिश्नर ने पेयजल व्यवस्था, जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, वयं वंदना योजना, वनाधिकार पट्टों की पुन: जाँच, नरवाई प्रबंधन, सड़क के ब्लैक स्पाटों में सुधार तथा केसीसी वितरण के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान में वन विभाग द्वारा 56 तालाबों तथा 234 पर्कुलेशन तालाबों का निर्माण कराया गया है। वर्षाकाल में संभाग भर में 37 लाख पौधे रोपित करने के लिए गड्ढे तैयार किए जा रहे हैं। अभियान के दौरान शिक्षा विभाग में 8075 पानी की टंकियों की सफाई कराई गई। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, उपायुक्त राजस्व एलएल अहिरवार, एसडीओ वन हितेन्द्र खण्डेलवाल तथा अन्य संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *