पचमठा मंदिर में विक्रमोत्सव की धूम, नाट्य मंचन से जीवंत हुआ सम्राट विक्रमादित्य का युग

पचमठा मंदिर में विक्रमोत्सव की धूम, नाट्य मंचन से जीवंत हुआ सम्राट विक्रमादित्य का युग

रीवा 19 मार्च 2026. नवसंवत्सर और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर रीवा के ऐतिहासिक पंचमठा मंदिर परिसर में महाराजा विक्रमादित्य के गौरवशाली इतिहास को समर्पित विक्रमोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। सूर्यकोटि ब्रह्मध्वज के विधि-विधान से पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसने समूचे वातावरण को हर्षोल्लास और सांस्कृतिक चेतना से भर दिया। आयोजन का मुख्य आकर्षण रंग अनुभव शिक्षा समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया नाटक रहा। श्री विनोद मिश्रा के कुशल निर्देशन में 15 से अधिक कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य के युग की स्वर्णिम गाथा को मंच पर जीवंत कर दिया। नाटक की शुरुआत में आधुनिक युवाओं के नववर्ष मनाने के तरीकों और हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति के बीच के अंतर को मार्मिक ढंग से दर्शाया गया। मंचन के माध्यम से दर्शकों को बताया गया कि आखिर विक्रम संवत का प्रारंभ क्यों और कैसे हुआ। कलाकारों के सजीव अभिनय और दमदार संवादों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर आरके सिन्हा ने कहा कि हमारी परंपरा और संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारा परम कर्तव्य है। सम्राट विक्रमादित्य का जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम की सीख देता है। ऐसे आयोजनों से हमारी जड़ों को मजबूती मिलती है। यह उत्सव न केवल एक आयोजन था बल्कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बना। उपायुक्त प्रकाश द्विवेदी ने नाटक की सराहना करते हुए कहा कि कला के माध्यम से इतिहास को समझना अधिक प्रभावी होता है। कार्यक्रम में पार्षद श्री अख्तर अली, श्री राजबहोर डिप्टी कलेक्टर सुश्री सुरभि जैन, सहायक यंत्री राजेश चतुर्वेदी, गीता प्रतिष्ठानम से एसएन दुबे, बीएल मिश्रा, रमेश गिरी, उमेश वर्मा, राजेश नामदेव और अन्य जनप्रतिनिधि व आमजन उपस्थित रहे। अतिथियों ने माँ सरस्वती के पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को विक्रम संवत के इतिहास पर आधारित पुस्तकें भी भेंट की गईं।

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