बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ: छात्राओं को सुरक्षा, अधिकार एवं आत्मनिर्भरता का पाठ

बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ: छात्राओं को सुरक्षा, अधिकार एवं आत्मनिर्भरता का पाठ
विद्यालय में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
छात्राओं ने रचनात्मक प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा
रीवा 28 नवम्बर 2025. बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत संदीपनी सी.एम. राइज कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय पाण्डेन टोला में वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, आत्मनिर्भरता और सरकारी सहायता तंत्रों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें समाज में एक मजबूत नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं की उपस्थिति और विभागीय टीम के आगमन से हुई। प्राचार्य श्री बी.पी. सिंह ने शिक्षा और सुरक्षा को समाज की प्रगति का केंद्र बताते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रथम चरण में छात्राओं ने विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिनमें निबंध लेखन “महिला सशक्तिकरण-नया भारत”, पोस्टर निर्माण “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, भाषण प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन और प्रश्नोत्तरी गतिविधियाँ शामिल थीं। छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता, जागरूकता और सामाजिक संवेदनशीलता का शानदार प्रदर्शन किया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिससे पूरे विद्यालय में उत्साह का माहौल बन गया।
कार्यक्रम के दूसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा वन स्टॉप सेंटर “सखी” की टीम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह के मार्गदर्शन में एक विस्तृत जागरूकता सत्र आयोजित किया। सत्र में छात्राओं को पांच प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। छात्राओं को संकट, हिंसा, उत्पीड़न, बाल विवाह और घरेलू हिंसा में तत्काल व गोपनीय सहायता प्राप्त करने के लिए महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी दी गयी। बच्चों से जुड़े अपराध, उत्पीड़न और आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में बताया गया। इसी प्रकार बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के तहत कानूनी संरक्षण, आयु प्रमाण पत्र की महत्ता और शिकायत प्रक्रिया के संबंध में बाल विवाह निषेध एवं कानूनी संरक्षण से अवगत कराया गया। साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल जागरूकता के तहत सोशल मीडिया पर सुरक्षित व्यवहार, ऑनलाइन ठगी से बचाव, पासवर्ड सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के उपाय संबंधी जानकारी दी गयी। छात्राओं को विपरीत परिस्थिति में विवेकपूर्ण निर्णय लेने और आत्मरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी के लिए आत्मरक्षा का महत्व बताया गया। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक श्रुति मिश्रा, रेनु गौतम, सलमा खान और श्री क्षितिज तिवारी की टीम ने इन सभी विषयों को सरल भाषा और वास्तविक उदाहरणों के साथ समझाया, जिससे छात्राओं का आत्मविश्वास और चेतना उल्लेखनीय रूप से बढ़ी।
जागरूकता कार्यक्रम में प्राचार्य बी.पी. सिंह, अध्यापक अश्विनी प्रताप सिंह, शिक्षिका विद्यावती और विभागीय स्टाफ ने छात्राओं को प्रेरक उद्बोधन दिए। वक्ताओं ने एकमत से कहा कि शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास ही महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की सबसे सशक्त ढाल है। उन्होंने छात्राओं से किसी भी प्रकार की समस्या या संदेहास्पद परिस्थिति में डरने के बजाय तत्काल सूचित करने और उपलब्ध सरकारी संसाधनों का उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन और विभागीय टीम ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के सिलसिलेवार आयोजन का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान “सबकी बेटी-सबका गर्व, सुरक्षित बेटी-समृद्ध भारत” संदेश गूंजता रहा।