भविष्य के तारों से मिलीं कलेक्टर, रीवा में ‘बुनियादी शिक्षा मेला’ बना प्रेरणा का केंद्र

भविष्य के तारों से मिलीं कलेक्टर
रीवा में ‘बुनियादी शिक्षा मेला’ बना प्रेरणा का केंद्र
रीवा 30 अक्टूबर 2025. कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एक दिल को छू लेने वाला पल जिया, जब वे बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मेला के अंतर्गत पीएम श्री बेसिक मॉडल क्रमांक-दो के नन्हें-मुन्ने बच्चों के बीच पहुँचीं। एक प्रेरणादायक मुलाकात में उन्होंने इन मासूमों से आत्मीयता से संवाद किया और उन्हें ‘धरती के तारे’ कहकर संबोधित किया। कलेक्टर ने बच्चों को एक रोचक कहानी सुनाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि “आप सब धरती के तारे हैं, खूब चमकें, खूब पढ़ाई करें और आगे बढ़ें। अपने मम्मी-पापा का कहना मानें।
राज्य शिक्षा केंद्र के तत्वावधान में आयोजित बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मेला का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक और भाषा विकास के साथ-साथ गणित की पूर्व तैयारी कराना है। शिक्षकों द्वारा बच्चों को कूदना, पेपर फोल्डिंग, रंगों और आकारों को पहचानना, गिनना और अंक पहचानना जैसे मजेदार कार्यकलापों से अभ्यास कराया जा रहा है। कलेक्टर ने स्वयं बच्चों के साथ संवाद किया, उनसे रोचक सवाल पूछे और वस्तुओं की पहचान करवाई। नन्हें युवराज, दक्षिता और अन्य बच्चों ने तत्काल और आत्मविश्वास के साथ फूलों के नाम, पक्षियों के नाम सहित सभी सवालों के जवाब दिए। बच्चों की इस तेज-तर्रार बुद्धि ने सबको प्रभावित किया।
कलेक्टर को अपने बीच पाकर बच्चे बेहद प्रसन्न हुए। उन्होंने सुमधुर धुन में स्कूल की प्रार्थना सुनाई। जब कलेक्टर ने पूछा कि यह किनकी प्रार्थना है, तो सभी ने एक सुर में जवाब दिया – “माँ सरस्वती की।” इस पर कलेक्टर ने उन्हें ज्ञान का महत्व समझाते हुए कहा कि सरस्वती विद्या, बुद्धि और विवेक देती हैं, जिससे हम सभी काम कर पाते हैं। कलेक्टर ने उपस्थित अभिभावकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे अपने अनुभवों का लाभ दें और आसपास के वातावरण से बच्चों को शिक्षित करें और उन्हें प्राथमिक ज्ञान दें। इस अवसर पर डीपीसी विनय मिश्रा, केशरी प्रसाद तिवारी सहित प्राथमिक कक्षा के बच्चे और अभिभावक उपस्थित रहे। कलेक्टर की यह पहल न केवल बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाएगी, बल्कि अभिभावकों को भी बुनियादी शिक्षा के महत्व को समझने में मदद करेगी।