हाईरिस्क तथा एनिमिक गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा पर विशेष ध्यान दें – कमिश्नर

हाईरिस्क तथा एनिमिक गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा पर विशेष ध्यान दें – कमिश्नर
स्नेह-आशीष अभियान में हर गर्भवती के घर तक पहुंचे अधिकारी – कमिश्नर
ई केवाईसी और एफआरएस की 12 सितम्बर तक शत-प्रतिशत फीडिंग कराएं – कमिश्नर

रीवा 28 अगस्त 2025. कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर क्षेत्र का भ्रमण करके आंगनवाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें। आंगनवाड़ी केन्द्रों के समय पर खुलने, पोषण आहार वितरण और बच्चों की अच्छी उपस्थिति सुनिश्चित करें। यदि आंगनवाड़ी केन्द्र 25 दिन से कम खुला पाया गया तो संबंधित पर्यवेक्षक और परियोजना अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्र से टीएचआर का नियमित रूप से वितरण कर पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें।

कमिश्नर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए गर्भवती महिलाएं एवं बच्चे हितग्राही हैं। दोनों विभाग मिलकर इनके स्वास्थ्य रक्षा के प्रभावी उपाय करें। गर्भवती महिलाओं के घरों का भ्रमण कर महिलाओं तथा परिवारजनों को साफ-सफाई एवं उचित पोषण के संबंध में समझाइश दें। गर्भवती महिला के साथ स्वयं भोजन करें। उनके भोजन में यदि कोई कमी है तो उसे दूर करने के उपाय बताएं। हाईरिस्क तथा एनिमिक गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा पर विशेष ध्यान दें। इनके प्रसव की तिथि से एक सप्ताह पूर्व इन्हें अस्पताल में बर्थ वेटिंग हाल में भर्ती करा दें। ऐसे इलाके जिनमें पहुंचना कठिन है उनकी गर्भवती महिलाओं को भी एक सप्ताह पूर्व प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराएं। जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा परियोजना अधिकारी घर में उपलब्ध और आसानी से खरीदे जाने वाले पोषण आहार की सूची प्रत्येक गर्भवती महिला को दें। इनमें दालें, मूंगफली, गुड़, भुना चना, मौसमी फल, हरी सब्जियाँ, मोटा अनाज, मुनगा, नींबू आदि को अवश्य शामिल करें।
कमिश्नर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग करते समय उन्हें इस बात पर जोर दें कि अच्छा और पौष्टिक भोजन करने से उनका बच्चा स्वस्थ होगा। उसके परिवार के सदस्यों की भी काउंसलिंग करें। सभी अस्पतालों में प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को स्त्रीरोग विशेषज्ञों द्वारा गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जाँच की जाती है। अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ दें। कमिश्नर ने कहा कि जो आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित हैं उन्हें आसपास उपलब्ध सरकारी भवनों में शिफ्ट करने का प्रयास करें। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती में अभिलेखों की ठीक से जाँच करें। इसके संबंध में दर्ज आपत्तियों का पूरी सुनवाई के बाद निराकरण करें।
कमिश्नर ने कहा कि ई केवाईसी और एफआरएस की जानकारी दर्ज करने में सभी जिले बहुत पीछे हैं। विशेष प्रयास करके 15 सितम्बर तक ई केवाईसी और एफआरएस का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करें। समय सीमा का पालन न होने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों के वजन और लम्बाई की सही माप करके पोषण का स्तर दर्ज करें। अति कुपोषित और कम पोषित बच्चों का पोषण स्तर बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करें। कम पोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराएं। इन बच्चों का नियमित फालोअप करें। बैठक में कमिश्नर ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण, आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था तथा बिजली कनेक्शन एवं ग्राम मंगल स्वास्थ्य दिवस के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त संचालक श्रीमती शशि श्याम उइके ने विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी रीवा नयन सिंह, सतना राजीव सिंह, सीधी तथा मऊगंज प्रवेश मिश्रा, सिंगरौली जितेन्द्र गुप्ता, मैहर राजेन्द्र कुमार तथा सभी परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।

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