स्वास्थ्य मंत्री श्री शुक्ल की पहल से रीवा में स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मिली नई गति

स्वास्थ्य मंत्री श्री शुक्ल की पहल से रीवा में स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मिली नई गति
रीवा, 14 जून 2025. जिले में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने में उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री राजेंद्र शुक्ल का मार्गदर्शन बेहद अहम रहा है। उनके नेतृत्व में जिले में व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, जो गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इसी कड़ी में रीवा जिले में स्वस्थ यकृत मिशन निरंतर जारी है। इस मिशन में जन-जागरूकता और जांच अभियान के तहत अब तक 46,977 लोगों का लीवर स्वास्थ्य परीक्षण हो चुका है, जिससे हजारों नागरिकों को समय रहते अपने यकृत की स्थिति का पता चल सका है। नोडल एनसीडी कार्यक्रम डॉ. सुनील अवस्थी ने बताया कि जिले भर में कुल 24,993 पुरुषों और 21,984 महिलाओं की शारीरिक जांच की गई है। यह समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। जांच के दौरान, 6,449 पुरुषों की कमर की परिधि 90 सेमी और 6,626 महिलाओं की कमर की परिधि 80 सेमी से अधिक पाई गई, जो संभावित स्वास्थ्य जोखिमों का संकेत देती हैं। जांच में मिले परिणामों ने कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखे हैं। कुल 46,977 जांचों में से 9,394 व्यक्तियों में बॉडी मास इंडेक्स स्कोर 23 डीबी/एम से अधिक पाया गया, जो लीवर में वसा जमा होने की संभावना की ओर इशारा करता है। इन मामलों में तत्काल चिकित्सा परामर्श और आगे की जांच की आवश्यकता है। मिशन ने गैर-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग के लिए कुल 364 व्यक्तियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास संदर्भित किया है, जिससे उन्हें सही समय पर उपचार मिल सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि स्वस्थ यकृत मिशन रीवा का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि लोगों को लीवर स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करना है। समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन से लीवर संबंधी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इस मिशन का लक्ष्य जिले के हर नागरिक तक पहुंच बनाना और उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए आवश्यक जानकारी और सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए विशेष धन्यवाद दिया, जिससे इन स्वास्थ्य कार्यक्रमों को नई गति मिली है। नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग की पहचान पर विशेष जोर दिया गया है। कुल 364 व्यक्तियों को नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग के समुचित प्रबंधन के लिए आगे रेफर किया गया है।

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *