चक्रवात ओखी के कहर से 531 मछुआरों को बचाया गया

चक्रवाती तूफान ओखी ने दक्षिण भारत के दो राज्यों तमिलनाडु और केरल के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। केरल और लक्षद्वीप तट के पास समुद्र में फंसे 531 मछुआरों को बचाया गया है। लक्षद्वीप के 10 द्वीपों में 31 राहत शिविर खोले गए हैं। अब तक 1047 लोगों को राहत शिविरों तक पहुंचाया जा चुका है।

 तूफान की वजह से अब तक कुल 12 लोगों की मौत हो गई है।

दोनों राज्य सरकारों ने चक्रवात को देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। अब तक 531 मछुआरों को सुरक्षित निकाला गया है। कल तमिलनाडु के 9 जिलों के सभी स्कूलों को बंद रखा गया।

आपदा प्रबंधन बल जहाँ राहत कार्यों में लगे हैं वहीं गृह मंत्रालय भी हालात पर नज़र बनाए हुए है और वायु सेना, तटरक्षक बल और नौसेना भी लोगों को हर मुमकिन सहायता पहुंचाने के लिए तैयार है।

इस बीच कन्याकुमारी, तूतिकोरिन और रामनाथपुरम समेत राज्य के तटीय इलाकों में अगले 24 घंटे तक मछुआरों को समंदर में नहीं जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि कोयंबटूर, पुड्डुचेरी और चेन्नई में भी तेज बारिश हो सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी से फोन पर बात की। पीएम ने ई. पलानीसामी को ओखी चक्रवात से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया।

इस मौके पर ई. पलानीसामी ने प्रधानमंत्री को कन्याकुमारी जिले में हुए नुकसान के विषय में जानकारी दी। साथ ही राहत कार्यों के विषय में सूचित किया।

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