लोकनाट्यों पर केन्द्रित पहचान समारोह का आयोजन सम्पन्न

एन.टी.पी.सी. विन्ध्यनगर के मैत्री सभागार में  प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के मुख्यातिथ्य मे गुरुवार को हुआ था शुभारंभ

हमारे देश में लोकनाट्यों की समृद्ध परम्परा है। प्रायः देश के प्रत्येक राज्य में कोई न कोई लोकनाट्य शैली अवश्य है। हमारे देश में कई तरह की बोली, भाषा प्रचलन में है। इन लोकनाट्यों में भूगोल और परिवेश की संस्कृति के रंग देखने- सुनने-समझने का अवसर प्राप्त होता है। बघेलखण्ड में भी छाहुर की परम्परा है, जिसके अन्तर्गत हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक मुद्दे, समकालीन समस्याओं आदि पर प्रहार किया जाता है। लोकनाट्य अपने समय का ऐतिहासिक साक्ष्य भी है। आदिवासी लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल द्वारा जिला प्रशासन सिंगरौली के सहयोग से लोक नाट्यों पर एकाग्र समारोह ‘पहचान‘ का दो दिवसीय आयोजन सिंगरौली में 16 और 17 नवम्बर, 2017 को एन.टी.पी.सी. विन्ध्यनगर के मैत्री सभागार में किया गया । समारोह में बघेली बोली के तीन लोककथाओं पर आधारित नाट्य चंदनुआ, सिद्धभूमि, छाहुर की प्रस्तुतियाँ तथा छत्तीसगढ़ी नाचा अन्तर्गत शिवनाथ नदी की कथा को  लोकनाट्य रूप में प्रस्तुत किया गया । दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ 16 नवम्बर, 2017 को  संध्या में श्री राजेन्द्र शुक्ला, मान. मंत्री, खनिज संसाधन, वाणिज्य, उद्योग और रोजगार, मध्यप्रदेश एवं प्रभारी मंत्री, सिंगरौली, श्री अजय कुमार पाठक, मान. अध्यक्ष, जिला पंचायत, सिंगरौली, श्री रामलल्लू वैश्य, मान. विधायक, सिंगरौली, श्रीमती सरस्वती सिंह, मान. विधायक चितरंगी, श्री राजेन्द्र मेश्राम, मान. विधायक, देवसर, श्रीमती प्रेमवती खैरवार, मान. महापौर, नगर पालिक निगम, सिंगरौली, श्री चन्द्रप्रताप विश्वकर्मा, मान. अध्यक्ष, नगर पालिक निगम, सिंगरौली की गरिमामयी उपस्थिति मे हुआ ।

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