संघ प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर रोक से विवाद

बीजेपी की ‘मंगलुरु चलो’ बाइक रैली को लेकर कर्नाटक की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। ‘हिंदुओं की सियासी हत्या’ के खिलाफ बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में बीजेपी यह रैली कर रही है।

कर्नाटक में बीजेपी की मंगलुरु चलो यात्रा को लेकर बवाल मचा हुआ है। दक्षिण कर्नाटक और उडुपी जिलों में 18 हिंदू कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में बीजेपी युवा मोर्चा ने मंगलूरू चलो नाम से बाइक रैली की घोषणा की थी, जिसके अंत में गुरुवार को मंगलुरु में एक विरोध रैली की भी घोषणा की गई है। राज्य सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था की चिंता जता कर इस रैली पर रोक लगा दी गयी है, रोक के बावजूद बीजेपी युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ता बेंगलुरु और राज्य के दूसरे शहरों में जमा होकर, मंगलुरु चलो रैली के लिए सड़कों पर उतरे। पुलिस के साथ झड़प के बाद इनकी बाइक जब्त कर ली गईं और कई नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया। गिरफ्तार होने वालों में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री आर अशोक और सांसद प्रताप सिम्हा भी शामिल थे।
दूसरी ओर बंगाल में आरएसएस उस ऑडोटोरियम की बुकिंग रद्द होने से खफा है, जिसमें 3 अक्टूबर को संघ प्रमुख मोहन भागवत को एक कार्यक्रम को संबोधित करना था। हालांकि ऑडिटोरियम के प्रशासकों का कहना है कि मरम्मत का काम होने के कारण ऐसा किया गया है लेकिन आरएसएस और बीजेपी का आरोप है कि ऐसा जानबूझ कर किया गया है। पहले भी एक मौके पर राज्य सरकार ऐसा कर चुकी है।
दरअसल सिस्टर निवेदिता के 150वें जन्म शताब्दी समारोह के लिए जून में इस ऑडोटोरियम को बुक किया गया था। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि पहले उनसे पुलिस को सूचित करने को कहा गया और जब पुलिस से परमिशन ले ली गई तो ऑडोटोरियम की ओर से बुकिंग निरस्त कर दी गई। ये ऑडोटोरियम राज्य सरकार की संपत्ति है।

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