किसी की स्थिति में मातृ एवं शिशु मृत्यु स्वीकार नहीं, ऐसी स्थिति में जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी – कमिश्नर

किसी की स्थिति में मातृ एवं शिशु मृत्यु स्वीकार नहीं, ऐसी स्थिति में जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की

जाएगी – कमिश्नर

हर गर्भवती महिला की चार एएनसी चेकअप हो, किसी भी स्थिति में होम डिलीवरी न की जाए
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच एवं मॉनिटर की जाए
फूड सेफ्टी विभाग खाद्य पदार्थों के सैंपल की संख्या बढ़ाएं एवं खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सख्त

कार्रवाई करें

कमिश्नर ने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, आयुष एवं फूड सेफ्टी विभाग के कार्यों की समीक्षा की
रीवा 28 अक्टूबर 2026. रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग,
स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग की बैठक में सभी सीएमएचओ, डीपीओ, बीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि संभाग के किसी
भी जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु किसी भी स्थिति में न हो। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी
जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी एवं अमले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की
जाएगी। हर गर्भवती महिला की चार एएनसी चेकअप अनिवार्य रूप से कराएं। किसी भी स्थिति में गर्भवती महिला का घर
पर प्रसव न हो। सभी गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय में ही कराई जाएं।
गत दो माह में संभाग के जिन जिलों में पांच से अधिक मातृ एवं शिशु मृत्यु हुई हैं उन जिलों के सीएमएचओ एवं बीएमओ
की एक वेतन वृद्धि रोकी जाए एवं डीपीओ का 15 दिन का वेतन भी प्राथमिकता से काटा जाए। उन स्थानों से संबंधित
आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा एएनएम का भी 15 दिन का मानदेय प्राथमिकता से काटा जाए और सभी को
सचेत किया जाए कि भविष्य में उक्त घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि गर्भवती
महिलाओं के स्वास्थ्य की सभी जांच नियमित रूप से की जाए और उसे पर्याप्त पोषण आहार दिया जाए तो किसी भी
स्थिति में मातृ एवं शिशु मृत्यु नहीं हो पाएगी। कमिश्नर ने इस बात पर सख्त नाराजगी व्यक्त की कि जिम्मेदार अमला
अपना कार्य ठीक से नहीं कर रहा है ।

कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं अमले को निर्देश दिए कि वह सभी हाई रिस्क गर्भवती
महिलाओं की नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग करें। कमिश्नर ने कहा कि हम यदि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य की जांच में
देरी एवं लापरवाही करेंगे तो हाई रिस्क और ज्यादा बढ़ जाएगा। हर गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेकअप शत-प्रतिशत
करना है। सीएमएचओ, बीएमओ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता इस आशय का प्रमाण पत्र दें कि गर्भवती
महिलाओं की 4 एएनसी चेकअप शत-प्रतिशत की जा चुकी है। कमिश्नर ने चेतावनी दी कि कार्य न करने वाले बीएमओ,
एएनएम, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध नियम अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि
कोई भी गर्भवती महिला एएनसी चेकअप से वंचित न रहे। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच के लिए शिविरों की संख्या
बढ़ाएं। वर्तमान में संभाग में गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप 92 प्रतिशत है।

कमिश्नर ने सीवर एनिमिक गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य की जांच एवं देखभाल के निर्देश
दिए। बताया गया कि सीधी जिले में 303, सतना में 347, मऊगंज में 198, रीवा में 522, मैहर में 216 एवं सिंगरौली में
595 सीवर एनिमिक महिलाओं को चिन्हित किया गया है। कमिश्नर ने कहा कि सभी महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित
जांच कर उन्हें पर्याप्त पोषण आहर दिया जाए, अन्यथा यह हाई रिस्क में परिवर्तित हो जाएगा। कमिश्नर ने एचआरपीडब्ल्यू
मॉडरेट एनीमिया चिन्हित महिलाओं को स्वस्थ करने के निर्देश दिए और कहा कि स्वास्थ्य विभाग का नीचे का अमला
अकमर्ण्य है और बीएमओ उनसे बेहतर तरीके से काम नहीं ले पा रहे हैं। स्थानीय अमला आसानी से ग्रामीण महिलाओं के
स्वास्थ्य की देखरेख कर सकते हैं लेकिन स्थानीय अमला इस कार्य में पर्याप्त रुचि नहीं ले रहा है। कमिश्नर ने कहा कि
संस्थागत प्रसव की रिपोर्ट अनमोल पोर्टल पर दर्ज कराएं। कमिश्नर ने बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों की

जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी बच्चों को स्वस्थ कर उसकी जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से प्रविष्टि की जाए।
सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग भी शत-प्रतिशत की जाए और जहां स्क्रीनिंग किट की कमी है वहां पर प्राथमिकता से
किट मगाएं। कमिश्नर ने राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, डेंगू-चिकनगुनिया की रोकथाम, पेंशन प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन में
लंबित प्रकरणों की समीक्षा की।

कमिश्नर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए सेम और मेम बच्चों की जानकारी ली
और टीएचआर के तहत वितरित पोषण आहार की समीक्षा की और इसमें अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने
टीएचआर में पर्याप्त प्रगति लाने के लिए सभी कलेक्टर्स को पत्र लिखने के निर्देश दिए। कमिश्नर साझा चूल्हा के तहत
पोषण आहार वितरण की समीक्षा की तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों की पूर्ति करने के निर्देश देते हुए कहा कि
चयन समिति की बैठक कर रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाए। कमिश्नर ने
निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से एएनसी चेकअप का डाटा बनाएं ताकि
दोनों के आंकड़ों में कोई अंतर न रहे। रोजगार सहायक गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी बनाने में सहयोग करें। कमिश्नर
ने इस बात पर सख्त नाराजगी व्यक्त की निर्देशों के बाद भी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग संयुक्त
बैठक नहीं कर रहे हैं इसलिए विभागीय डाटा में अंतर आ रहा है।
फूड सेफ्टी विभाग खादय सामग्रियों के अधिक से अधिक सैंपल ले :- कमिश्नर ने बैठक में सभी फूड सेफ्टी
ऑफीसर्स को निर्देश दिए कि वह खाद्य पदार्थों मिठाई, मसाले, दूध, घी, पनीर, तेल, मावा एवं अन्य खाद्य पदाथों के
अधिक से अधिक सैंपल एकत्रित कर उसे जांच के लिए लैब में भेजें। खाद्य पदार्थों में मिलावट की बहुत ज्यादा शिकायत
आ रही हैं। फूड सेफ्टी ऑफिसर्स शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाद्य पदार्थों में की जा रही मिलावट की जांच
करें। जिन खाद्य पदाथों में मिलावट की ज्यादा संभावना है उनके सैंपल विशेष रूप से दबिश देकर एकत्रित किया जाए।
कमिश्नर ने निर्देश दिये कि सभी फूड सेफ्टी ऑफिसर्स की जा रही कार्रवाई की जानकारी मीडिया तक अनिवार्य रूप से
पहुंचाएं।
आयुष चिकित्सा अधिकारी जन स्वास्थ्य कार्यक्रम से मरीजों को लाभान्वित करें :- कमिश्नर ने आयुष
विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सभी आयुष चिकित्सक जन स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित शिविर में
अधिक से अधिक मरीजों को लाभान्वित करें। कमिश्नर ने ओपीडी में मरीजों की कम आमद पर सख्त नाराजगी व्यक्त की
और निर्देश दिए कि आयुष चिकित्सक मरीजों को आयुर्वेद से होने वाले लाभ की जानकारी दें। उन्होंने सभी आयुष
चिकित्सकों को अतिरिक्त रूप से सक्रिय रहने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने आदर्श आरोग्य मंदिर, आयुष ग्राम, पंचकर्म,
ओपीडी के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी आयुष चिकित्सक सीएमएचओ से संपर्क कर
सिकल सेल एनीमिया के मरीज एवं केरियर के मरीज की जानकारी लें और उन्हें पर्याप्त दवा का वितरण करें। बैठक में
संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जीएस परिहार, डॉ. अर्चना पाण्डेय, संयुक्त संचालक महिला
एवं बाल विकास विभाग शशि श्याम उइके उपस्थित रहीं। सभी सीएमएचओ, डीपीओ, आयुष चिकित्सक वीडियो कान्फ्रेंसिंग
के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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