बिना चीर-फाड़ के चार साल के बच्चे के दिल का किया गया जटिल ऑपरेशन

बिना चीर-फाड़ के चार साल के बच्चे के दिल का किया गया जटिल ऑपरेशन
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आधुनिक तकनीक से हुआ बच्चे के दिल के वॉल्व का ऑपरेशन
रीवा 16 अक्टूबर 2026. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लगातार कई जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए
गए हैं। इस कड़ी में कार्डियोलॉजी विभाग में चार साल के मासूम बच्चे के दिल में छेंद एवं वॉल्व में सिकुड़न का बिना
चीर-फाड़ के आधुनिक तकनीक से ऑपरेशन किया गया। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेन्द्र कुमार तिवारी के नेतृत्व में
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने पर्क्युटेनियस विधि से बच्चे का सफल ऑपरेशन किया। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. अक्षय
श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे के दिल में दो जन्मजात बीमारियाँ थीं। जिसके कारण दिल का मुख्य वॉल्व बहुत संकरा हो
गया, जिससे शरीर में रक्त प्रवाह बाधित हो रहा था। दिल की मुख्य धमनियों के बीच एक असामान्य छेंद भी था। यह
बहुत दुर्लभ मामला है। इसमें दो जटिल इंटरवेशनल प्रोसीजर की गईं। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पैर की नस के माध्यम से एक
ही समय में दोनों जटिल प्रोसीजर को पूरा किया। विशेष डिवाइस की मदद से खुले छेंद को पूरी तरह बंद किया गया।
इसके बाद सकरे हो गए एओर्टिक वॉल्व को बैलून की सहायता से फुलाकर खोला गया जिससे रक्त प्रवाह सामान्य हो
गया। केवल चार वर्ष के बालक में दोनों जटिल प्रोसीजर एक साथ करना अत्यंत जोखिम और चुनौतीपूर्ण था, लेकिन सुपर
स्पेशलिटी के हृदय रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। अब मासूम पूरी तरह से स्वस्थ
है। ऑपरेशन को सफल बनाने में कॉर्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. व्हीडी त्रिपाठी तथा डीन मेडिकल कालेज डॉ.
शशिधर गर्ग का विशेष योगदान रहा।

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *