पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य सात दिन में पूरा करें – कलेक्टर

पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य सात दिन में पूरा करें – कलेक्टर
अपने कार्यों से विभाग और जिले की प्रतिष्ठा बढ़ाएं – कलेक्टर

रीवा 04 जुलाई 2026. कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि खेती के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीण क्षेत्र का प्रमुख व्यवसाय है। किसानों की आय को दुगना करने के प्रयासों के तहत प्रदेश में दूध उत्पादन को दुगना करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पशुपालन विभाग द्वारा बहुआयामी कार्ययोजना बनाई गई है। इससे जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें। पशुपालन विभाग के अधिकारी और मैदानी कर्मचारी समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करके अपने विभाग और जिले की प्रतिष्ठा बढ़ाएं। विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों में प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। पशुपालक किसानों को इस वर्ष 3600 किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम तिमाही में केवल 296 प्रकरण बैंक में भेजे गए हैं जिनमें से केवल 15 मंजूर हुए हैं। इनमें भी वितरण शून्य है। ऐसी स्थिति सहन नहीं की जाएगी। सभी पशु चिकित्सा अधिकारी एव्हीएफओ सात दिन में तीन हजार केसीसी बनवाएं। इसमें सहकारी बैंक और व्यावसायिक बैंक पूरा सहयोग करेंगे। कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की मानीटरिंग में लापरवाही बरतने पर उप संचालक पशुपालन को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि हिरण्यगर्भा योजना की प्रगति भी संतोषजनक नहीं है। कई मैत्री कर्मियों का कार्य शून्य है। ऐसी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। इस वर्ष एक लाख 12 हजार गाय भैंस के कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम तिमाही में केवल 10 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति हुई है। सभी पशु चिकित्सा अधिकारी, एव्हीएफओ और मैत्री विशेष ध्यान देकर शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं की लक्ष्य पूर्ति कराएं। डॉ. अम्बेडकर कामधेनु योजना में भी स्वीकृत 35 प्रकरणों में से केवल एक में वितरण हुआ है। शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं तथा स्वीकृत प्रकरणों में राशि का वितरण कराएं। पशुओं के टीकाकरण की प्रगति भी अभी बहुत कम है। टीकाकरण का लक्ष्य 45 दिवस में पूरा करें। बैठक में दुग्ध सम्पर्क समृद्धि अभियान की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने कहा कि आजीविका मिशन में अच्छा कार्य कर रही लखपति बहनों को लखपति गोपालक दीदी योजना से जोड़ें। उप संचालक पशुपालन आजीविका मिशन से लखपति दीदियों की सूची प्राप्त करके उन्हें पशुपालन से जोड़ें। बैठक में अच्छे नस्ल के दुधारू पशुओं के विपणन के लिए ब्रीडर संघ की स्थापना पर चर्चा की गई। बैठक में गोरस एप के उपयोग, पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के उत्पादन तथा संजीवनी 1962 के माध्यम से पशुओं के उपचार की भी समीक्षा की गई। बैठक में उप संचालक डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह, महाप्रबंधक सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, अग्रणी बैंक प्रबंधक विनय कुमार जायसवाल, सभी पशुचिकित्सा अधिकारी तथा एव्हीएफओ उपस्थित रहे।

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