जल संरक्षण में योगदान भावी पीढ़ी के जीवन बचाने का प्रयास है – कमिश्नर

जल संरक्षण में योगदान भावी पीढ़ी के जीवन बचाने का प्रयास है – कमिश्नर
स्कूल भवनों तथा छात्रावासों की साफ-सफाई एवं सुधार कराएं – कमिश्नर

रीवा 26 मई 2026. कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि सभी अधिकारी जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जल संरक्षण में योगदान भावी पीढ़ी के जीवन बचाने का प्रयास है। धरती की कोख में पानी और धरती पर हरियाली रहने पर ही जीवों और पौधों का जीवन सुरक्षित रहेगा। जल का संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में केवल दो घंटे श्रमदान करके जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों में अतुलनीय योगदान दे सकते हैं। अभियान के दौरान शासकीय भवनों में रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने तथा हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट लगाने के कार्य प्राथमिकता से कराएं। जल संरक्षण के सभी प्रयासों की जानकारी अभियान के पोर्टल पर अद्यतन दर्ज कराएं।
कमिश्नर ने कहा कि संयुक्त संचालक शिक्षा स्कूल खुलने से पहले स्कूल भवनों और छात्रावासों की साफ-सफाई तथा आवश्यक होने पर सुधार कार्य कराएं। छात्रावासों में पानी, प्रकाश, साफ-सफाई, भोजन और शौचालय की समुचित व्यवस्था करें। ई आफिस में रीवा संभाग पिछले आठ महीने से प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। सभी फाइलें और पत्र ई आफिस के माध्यम से ही भेजें। मैहर, मऊगंज और सतना जिले में ई आफिस व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। अधीनस्थ अधिकारियों से समस्त कार्य ई आफिस के माध्यम से ही संचालित कराएं। सीएम हेल्पलाइन में मई माह की रैंकिंग में सभी अधिकारियों ने अच्छे प्रयास किए जिससे सभी जिले ए ग्रेड में थे। सभी विभाग भी संतुष्टिपूर्वक आवेदन पत्र निराकृत करके लगातार ए ग्रेड में रहें। राजस्व, गृह, खाद्य, श्रम, ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय निकाय, स्वास्थ्य तथा पीएचई विभाग के अधिकारी सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें।
कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी संभागीय समीक्षा बैठक के निर्देशों पर समुचित कार्यवाही करके एक सप्ताह में पालन प्रतिवेदन आनलाइन दर्ज कराएं। इसी तरह कमिश्नर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं पर भी समुचित कार्यवाही करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित करके स्टापडेमों के गेट खुलवा दें। जिन स्थानों पर निस्तार और पेयजल के लिए स्टापडैम के पानी का उपयोग किया जा रहा है वहाँ के गेट बंद रहने दें। संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने तथा पोषण वाटिका निर्माण के संबंध में दिए गए निर्देशों का जिलेवार प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। अधीक्षण यंत्री पीएचई हैण्डपंपों तथा नलजल योजनाओं के सुधार की विकासखण्डवार जानकारी प्रतिदिन दें। पेयजल के संबंध में प्राप्त शिकायतों का तत्काल निराकरण कराएं। आपूर्ति नियंत्रक उपार्जित गेंहू का तत्काल परिवहन और सुरक्षित भण्डारण कराएं। जिन केन्द्रों में एक भी पंजीकृत किसान शेष नहीं है उन केन्द्रों को बंद कराएं। महाप्रबंधक एमपीआरडीसी रीवा बाईपास पुल से 31 मई तक हरहाल में आवागमन शुरू करा दें। समय सीमा का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में कमिश्नर ने शिशुओं तथा महिलाओं के टीकाकरण, हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जाँच और उपचार, कुपोषण नियंत्रण, बाढ़ से बचाव की तैयारी तथा खाद और बीज की आपूर्ति के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, उपायुक्त राजस्व एलएल अहिरवार, एसडीओ वन हितेश खण्डेलवाल तथा अन्य संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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