चिकित्सक मरीजों को देते हैं नई जिंदगी, धरती के भगवान – उप मुख्यमंत्री, चिकित्सा की पढ़ाई से समाज में मिलती है अलग पहचान और सम्मान -उप मुख्यमंत्री

चिकित्सक धरती पर भगवान के स्वरूप होते हैं। चिकित्सक मरीजों को नया जीवन देने का कार्य करते हैं। मरीज अस्पताल में खुशियां बांटने नहीं आते, बल्कि अपनी मजबूरी और जीवन की नई उम्मीदों के साथ आते हैं। यदि स्वास्थ्य विभाग का अमला पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करे तो अस्पताल आने वाले मरीजों की आधी तकलीफ अपने-आप दूर हो जाती है और उन्हें जीवन जीने का संबल भी मिलता है। उक्त विचार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने आज शासकीय बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में ब्लड सेंटर के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने मेडिकल कॉलेज के ब्लड सेंटर का शुभारंभ फीता काटकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि ब्लड सेंटर का शुभारंभ शहडोल संभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे संभाग के मरीजों को सरलता और सहजता से रक्त उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शासकीय बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थी बेहतर शिक्षा ग्रहण कर देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दें। विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ अपनी संवेदनशीलता और सेवा भावना का भी परिचय देना चाहिए। मरीजों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी कर चिकित्सक बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों को सेवाएं दें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगातार नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 19 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और शीघ्र ही इनकी संख्या 26 होने जा रही है। शहडोल मेडिकल कॉलेज में भी एमबीबीएस की सीटों को 100 से बढ़ाकर 200 करने तथा पीजी सीटों को 6 से बढ़ाकर 71 करने की प्रक्रिया अंतिम चरण पर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीएम केयर योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों को ह्रदय रोग, कैंसर तथा अंग प्रत्यारोपण की सुविधा देने जा रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह नई क्रांति होगी। आपने मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों की भर्ती हेतु विज्ञापन निकालकर वाक-इन इंटरव्यू शीघ्र आयोजित कर भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा रक्तदान करने की सराहना करते हुए कहा कि यह संवेदनशीलता पदर्शित करता है। कार्यक्रम में रक्त दाताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ब्लड सेंटर के शुभारंभ से जरूरतमंद लोगों को आसानी से रक्त उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में सिटी स्कैन एवं एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराने तथा जिला अस्पताल का विस्तार कर 300 बेड से 500 बेड की क्षमता वाला अस्पताल बनाने की बात कही। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेके ने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 5587 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि ब्लड सेंटर के ब्लड कंपोनेंट स्टोरेज रूम में 4 ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर तथा 2 डीप फ्रीजर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, एमबीबीएस सीटों, ओपीडी संचालन सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। इस अवसर पर विधायक जैतपुर श्री जयसिंह मरावी, विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव, डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. गिरीश बी रामटेके, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक उपस्थित रहे।

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