प्राकृतिक खेती एवं फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दलहनी एवं तिलहनी फसलों का किया गया निरीक्षण

प्राकृतिक खेती एवं फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दलहनी
एवं तिलहनी फसलों का किया गया निरीक्षण

रीवा 09 मार्च 2026. कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर कृषि विभाग की आत्मा परियोजना मे क़ृषि सखी द्वारा किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत गंगेव विकासखण्ड अन्तर्गत चयनित कलस्टर कदैला, धुंधकी, पटेहरा मे क़ृषि सखी वीणा शर्मा एवं निधी मिश्रा द्वारा ग्राम कदैला के चन्द्रमणि पटेल, ग्राम धुंधकी के विश्वनाथ द्विवेदी,बृजेन्द्र द्विवेदी, संतोष तिवारी एवं अन्य अनुमोदित कृषको के प्राकृतिक खेती प्रदर्शन प्लाट की क़ृषि मैपर के माध्यम से जियो प्लॉटिंग एवं निरीक्षण के साथ प्राकृतिक खेती के घटको की चर्चा की गयी। भ्रमण के दौरान क़ृषि सखी द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, लाभों तथा तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती में गोबर, गोमूत्र, जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य जैविक घोलों का उपयोग कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है और उत्पादन लागत को कम किया जा सकता है। इस दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने से होने वाले लाभ जैसे मिट्टी की सेहत में सुधार, उत्पादन लागत में कमी, पर्यावरण संरक्षण तथा सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही किसानों को अपने खेतों में प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

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