किसानों को प्राकृतिक खेती का दिया गया प्रशिक्षण

किसानों को प्राकृतिक खेती का दिया गया प्रशिक्षण

रीवा एक मार्च 2026. राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजनांतर्गत जिले के विकासखण्ड त्योंथर में प्राकृतिक खेती के लिये कृषकों को जागरूक किया गया। जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत गंगतीरा में किया गया। जिसमें मास्टर ट्रेनर रवीन्द्र कुमार पटेल, श्रीमती भावना सिंह, श्रीमती पुष्पांजली शुक्ला, श्रीमती अनीता द्विवेदी उपस्थित रहे। उपस्थित कृषकों को प्राकृतिक खेती के घटक जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र आदि बनाने की पूर्ण विधि बताई गई। बीजामृत का उपयोग बीज उपचार करने के लिए किया जाता है जिससे बीज जनित रोगों से बचा जा सकता है। बीजामृत बनाने के लिए देशी गाय का गोबर 5 किग्रा. गौमूत्र 5 ली. चूना 50 ग्राम, पानी 20 ली. पेड के नीचे की मिट्टी 200 ग्राम. का मिश्रण तैयार कर 100 किग्रा बीज के उपचार हेतु किया जा सकता है। नीमास्त्र देशी गाय का गोबर एक किग्रा. गौमूत्र 5 ली. नीम के पत्ती या फल 5 किग्रा. पानी 100 ली. का मिश्रण तैयार कर एक एकड़ की फसल में कीट नियंत्रण हेतु उपयोग किया जा सकता है।

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