धरती आबा योजना से हर पात्र हितग्राही को लाभान्वित करें – कमिश्नर

धरती आबा योजना से हर पात्र हितग्राही को लाभान्वित करें – कमिश्नर
वृंदावन ग्राम योजना की कार्ययोजना तत्काल तैयार कराएं – कमिश्नर

रीवा 17 फरवरी 2026. रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कमिश्नर ने ग्रामीण विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, नगरीय प्रशासन तथा पीएचई विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वृंदावन ग्राम योजना की कार्ययोजना तत्काल तैयार करके इसे प्रस्तुत करें। इसमें ग्राम विकास से जुड़े सभी मानकों को शामिल करें। ग्राम की स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य प्राथमिकता से शामिल करें। ग्राम पंचायतों द्वारा कर लगाने और आय के स्त्रोत बढ़ाने के भी प्रयास करें। आर्थिक रूप से सशक्त होने पर ही ग्राम पंचायतों का तेजी से विकास होगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से स्वीकृत सभी आवासों को 30 मार्च तक पूरा कराएं। गरीबों को पक्का आवास देने की इस योजना का हर गरीब को लाभ दें।

कमिश्नर ने कहा कि धरती आबा योजना में शामिल गांवों के प्रत्येक हितग्राही को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ दें। इन्हें आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास तथा अन्य सभी तरह के लाभ फरवरी माह के अंत तक दिलाएं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इसकी नियमित समीक्षा करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। वनाधिकार अधिनियम के तहत निरस्त किए गए सभी दावों का पुन: परीक्षण कराकर ग्राम स्तरीय, खण्ड स्तरीय और जिला स्तरीय समिति से निराकरण कराएं। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सिंगरौली तथा सीधी को कमिश्नर ने वनाधिकार पट्टों के पुन: परीक्षण में लापरवाही बरतने पर कड़ी फटकार लगाई। कमिश्नर ने कहा कि व्यक्तिगत दावों के साथ-साथ सामुदायिक दावों का भी निराकरण कराएं। वनाधिकार पट्टों के पुन: परीक्षण के सभी प्रकरण 15 मार्च तक अनिवार्य रूप से निराकृत करें।

कमिश्नर ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्य कर रहे महिला स्वसहायता समूहों के बैंक लिंकेज और ऋण प्रकरणों को 15 दिवस में निराकृत करें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इस पर विशेष ध्यान दें। बड़ी ग्राम पंचायतों में हाट बाजार बनाने के प्रस्ताव भी तैयार करें। कमिश्नर ने पीएचई विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि एकल और समूह नलजल योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है। लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों के विरूद्ध ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई करें। पूर्ण एकल नलजल योजनाओं को समारोहपूर्वक ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कराएं। निर्माणाधीन 313 नलजल योजनाओं का कार्य 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूरा कराएं जिससे गर्मियों में आमजनता को पेयजल मिल सके। निर्माणाधीन 137 पानी की टंकियों का निर्माण कार्य भी तय समय सीमा में पूरा कराएं। इनकी प्रगति की हर 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। खराब हैण्डपंपों के सुधार के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में कंट्रोल रूम बनाकर टीम तैनात कर दें। इस टीम को वाहन राइजर पाइप तथा पर्याप्त संख्या में मैकेनिक उपलब्ध कराएं। अभियान चलाकर सुधार योग्य हैण्डपंपों में सुधार कराएं। बैठक में अधीक्षण यंत्री पीएचई महेन्द्र सिंह ने नलजल योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, उपायुक्त एलएल अहिरवार, कार्यपालन यंत्री पीएचई चित्रांशु उपाध्याय तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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