खेती ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आधार है – कमिश्नर

खेती ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आधार है – कमिश्नर
कृषि वर्ष की कार्ययोजना में फसल विविधीकरण को शामिल करें – कमिश्नर

रीवा 12 फरवरी 2026. कमिश्नर बीएस जामोद ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कृषि तथा उससे जुड़े विभागों के कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि खेती ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आधार हे। खेती को उन्नत बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान वर्ष को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सभी उप संचालक कृषि सात दिनों में कृषि वर्ष की माहवार कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। इस कार्य योजना में फसल विविधीकरण नरवाई प्रबंधन और पानी तथा खाद के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों को शामिल करें। किसान की आय दुगना करने के लिए उसे उद्यानिकी फसलों, मसाले की खेती और मछलीपालन से जोड़े।

कमिश्नर ने कहा कि सभी जिलों में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करें। अभी से किसानों को उड़द, मक्का, ज्वार, मूंगफली, अलसी, सरसों अरहर, मसूर तथा कोदो की खेती के लिए प्रेरित करें। जायद फसलों में उड़द, मूंग और तिल की बोनी करायें। प्राकृतिक खेती के लिए क्लस्टर बनाकर किसानों का पंजीयन किया गया है। प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों की गौशालाओं से मैपिंग करायें। नरवाई प्रबंधन के लिए विशेष प्रयास करें। गर्मी की फसल के बाद गहरी जुताई तथा धान की फसल के बाद हैप्पी सीडर सुपर सीडर का उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित करें। धान के पुआल का सीबीजी प्लांटो में उपयोग और हार्वेस्टर के साथ स्ट्राटीपर की अनिवार्यता सुनिश्चित करें।

कमिश्नर ने कहा कि संभाग में उद्यानिकी फसलों की अच्छी पैदावार है। इसके विस्तार के प्रयास करें। टमाटर, मटर, बैगन, भिंडी, शिमला मिर्च, लौकी, कद्दू, प्याज आदि के क्षेत्र में विस्तार करायें। मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुरूप मैहर तथा चित्रकूट में फूलों विशेषकर गुलाब की खेती को बढ़ावा दें। कमिश्नर ने उप संचालक मछली पालन को वायोफ्लाक, आरएएस और क्रेज के माध्यम से मछलीपालन बढ़ाने के निर्देश दिए। उप संचालक ने बताया कि रीवा में गोविंदगढ़ तालाब, मऊगंज के गोरिपरा बांध तथा मैहर में अंधियारी डैम में मछलीपालन क्रेज लगाये जा रहे हैं।

बैठक में कमिश्नर ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना से स्वीकृत सभी प्रकरणों में ऋण राशि का वितरण करायें। इसके हितग्राहियों को एक माह में प्रशिक्षण दिलाये। बैठक में कमिश्नर ने ई टोकन से खाद वितरण, कस्टम हायरिंग सेंटर को सक्रिय करने, यंत्रदूत योजना, किसान क्रेडिट बनाने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाने में संबंध में अधिकारियों को निर्देश दें। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त संचालक कृषि यूपी बागरी, संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ. जे.एस. बघेल, उप संचालक मछलीपालन डॉ. अंजना सिंह, उप संचालक उद्यानिकी श्री बघेल, संभागीय यंत्री नारवड़े तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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