हरिहरपुर में किसानों को दिया जा रहा है प्राकृतिक खेती का नि:शुल्क प्रशिक्षण

हरिहरपुर में किसानों को दिया जा रहा है प्राकृतिक खेती का नि:शुल्क प्रशिक्षण
अपने व भूमि के स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती आवश्यक – उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

रीवा 24 जनवरी 2026. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के हरिहरपुर स्थित खेत में किसानों को प्राकृतिक खेती का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ पर प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित कर किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रशिक्षण में उपस्थित होकर किसानों से संवाद किया तथा प्राकृतिक खेती के गुणों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रीवा प्राकृतिक खेती का हब बनेगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के साथ ही हिनौती गौधाम में भी प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि संबंधित क्षेत्र के किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्राकृतिक खेती कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को अपनी भूमि के कुछ भाग में प्राकृतिक खेती अवश्य करनी चाहिए जो भूमि के स्वास्थ्य के साथ ही स्वयं व परिवार के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। हमें अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा को आदत में डालना होगा। यदि हम सही समय में नहीं सम्हले तो नुकसान उठाना पड़ेगा। रीवा जिले में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता है इसलिए उन्हें सही दिशा में खेती करनी चाहिए। श्री शुक्ल ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती उत्पादन के संबंध में गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों में से ही मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे जो जिले के अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में प्रशिक्षण देंगे। उप मुख्यमंत्री ने अपने खेत में चार एकड़ क्षेत्र में गेंहू व एक एकड़ में सब्जी की प्राकृतिक खेती आरंभ की है। उन्होंने खेत में जगपावनी का छिड़काव किया तथा प्रशिक्षण स्थल में गौकृपा अमृत निर्माण की शुरूआत की।
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किसान शिववरण सिंह एवं विनोद ने बताया कि यह प्रशिक्षण जिंदगी व पीढ़ी को बदलने का प्रशिक्षण है। हम लोग इसके माध्यम से प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आने वाली पीढ़ी को सु‍रक्षित रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि हम प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले के किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण में अजगरहा, हरिहरपुर, अगडाल आदि आसपास के गांवों के किसान उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि हरिरहरपुर में 25 जनवरी तक प्राकृतिक खेती का तीन दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। श्री श्री रविशंकर जी की संस्था लिविंग ऑफ आर्ट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती के लिए भूमि तैयार करने, बीजों के उपचार, केमिकल रहित खाद तथा कीटनाशक बनाने एवं मल्टीलेयर फसल की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य जगपावनी, अग्निहोत्र निर्माण, गौकृपा अमृत, अमृत जल/भस्म जल, भस्म खाद, धूम्र चिकित्सा, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र, अग्निआस्त्र, ताम्रदही तथा आवर खाद निर्माण की भी जानकारी दी जा रही है। इन सबका निर्माण नाममात्र के खर्च पर गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन जैसे घर में उपलब्ध पदार्थों से किया जाता है।

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *