राशि उपलब्ध होने के बाद भी निर्माण कार्य न करने वाली 6 पंचायतों के सचिवों को कलेक्टर ने निलंबन के दिए निर्देश

राशि उपलब्ध होने के बाद भी निर्माण कार्य न करने वाली 6 पंचायतों के सचिवों को कलेक्टर ने निलंबन के दिए निर्देश
ग्रामीण विकास के कार्य तत्परता से कराए जाएं – कलेक्टर
रीवा 13 अक्टूबर 2025. कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले की ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास के कार्यों को प्राथमिकता से कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का पात्र हितग्राहियों को लाभ मिले इसके लिए जिला पंचायत स्तर से भी लगातार मॉनीटरिंग होनी चाहिए। उन्होंने जिले की 6 ग्राम पंचायतों में पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बाद भी कार्य न कराने पर ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सिरमौर जनपद पंचायत के दुलहरा ग्राम पंचायत सचिव मदेनी प्रसाद कोल, राजगढ़ ग्राम पंचायत के सचिव आदर्श पाण्डेय, रीवा जनपद पंचायत के अमिरती ग्राम पंचायत सचिव अनिल चौरसिया, गंगेव जनपद पंचायत के क्योटी ग्राम पंचायत सचिव कुवेर सिंह, जवा जनपद पंचायत के छदहना ग्राम पंचायत सचिव छेदीलाल विश्वकर्मा तथा रायपुर कर्चुलियान जनपद पंचायत के नवागांव ग्राम पंचायत सचिव देवेन्द्र बहादुर सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिले में अन्य ऐसी पंचायतें जिनमें राशि उपलब्ध है तथा वहाँ विकास के कार्य नहीं कराए जा रहे हैं उनके सचिवों के विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्यवाही की जाए। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सरपंचों द्वारा यदि विकास कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही हो तो उनके विरूद्ध भी कार्यवाही प्रस्तावित करें।
कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में जिला पंचायत के अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित ओआईसी अपने कार्यों का लगन व निष्ठा से संपादन करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही व शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि डीएमएफ सहित अन्य सभी कार्यों के पूर्ण होने पर उनके पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कराएं तथा अप्रारंभ कार्यों को तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मनरेगा के परियोजना अधिकारी जनपद स्तर पर आयोजित होने वाली बैठकों में उपस्थित रहकर कार्यों की सतत मानीटरिंग करें। कलेक्टर ने मध्यान्ह भोजन का विद्यालयों में मीनू के अनुसार वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला पंचायत स्तर से क्वालिटी की मॉनीटरिंग की जाए साथ ही समूहों को सही ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए जाएं और जो समूह ठीक ढंग से कार्य न करें उन्हें ब्लैक लिस्टेड करें। कलेक्टर ने पंचायतों में शिकायतों की समय पर जाँच करने तथा गत 6 माह में हुए निर्णय पर वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने आरईएस द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया कि सीईओ जिला पंचायत कार्यों का स्वत: निरीक्षण करें पूर्ण कार्यों की सीसी जारी कराएं और अप्रारंभ कार्यों को लेआउट देकर प्रारंभ किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित जिला पंचायत में पदस्थ अधिकारी एवं जिला प्रबंधक ई गवर्नेंस आशीष दुबे उपस्थित रहे।