दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान अन्तर्गत जिले में 4507 पशुपालकों से किया गया संपर्क

दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान अन्तर्गत जिले में 4507 पशुपालकों से किया गया संपर्क
चिकित्सकों द्वारा गांव-गांव जाकर किया जा रहा संवाद

रीवा 06 अक्टूबर 2025. प्रदेश के साथ-साथ जिले में संचालित ‘दूध समृद्धि सम्पर्क अभियान’ अंतर्गत जिले में पशुपालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से पशु चिकित्सा विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर संवाद किया जा रहा है। अभियान के दौरान चिकित्सक टीमों ने पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य, पोषण, नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। अभियान के प्रभारी अधिकारियों ने बताया कि जिले के 21 पशुचिकित्सक और 181 सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी एवं मैत्री के माध्यम से अब तक कुल 4507 पशुपालकों से संपर्क स्थापित किया गया। भोपाल से नियुक्त डॉ दीपाली देशपांडे द्वारा 6 विकासखण्ड के 11 ग्रामों मे, संयुक्त संचालक डॉ डी. यस बघेल रीवा संभाग एवं उपसंचालक डॉ डी.पी. सिंह द्वारा 4 विकासखण्ड के 7 ग्रामों में भ्रमण कर सीधा संवाद एवं सत्यापन किया गया।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर गठित टीमें पशुपालकों के घर-घर जाकर पशु देखभाल, संतुलित आहार, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, रोग नियंत्रण एवं टीकाकरण की जानकारी दे रही हैं। साथ ही किसानों को पशुपालन से होने वाले आर्थिक लाभ और सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की जा रही है। अभियान के तहत विभागीय चिकित्सक यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर ग्राम में पशुपालकों को समय पर दवा, परामर्श और तकनीकी सहायता उपलब्ध हो। अभियान के अगले चरण में और अधिक गांवों को शामिल कर पशुपालकों को प्रशिक्षण एवं संसाधन वितरण की योजना बनाई जा रही है।

अभियान के माध्यम से पशुपालन हो रहे है जागरूक :- पशुपालकों के घर जाकर दी जा रही है जानकारी पशुचिकित्सक, पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी एवं मैत्री दल गांव-गांव जाकर सीधे पशुपालकों से संवाद कर रहे हैं, जिससे ज्यादा दुग्ध उत्पादन से लाभ प्राप्त करने की जागरूकता का स्तर बढ़ा है। पशुपालकों द्वारा इस अभियान का स्वागत किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की इस पहल से उन्हे अब उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन में सुधार के लिए सही दिशा और तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
2 से 9 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान के प्रथम चरण में उन पशुपालकों के यहाँ गृह भेंट दी जा रही है जो 10 या 10 से अधिक गौ-भैंस वंश पाल रहे है। इस अभियान की प्रगति की समीक्षा कलेक्टर महोदय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अनुविभागीय अभिकारी राजस्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद द्वारा भी पशुपालकों से मिलकर सत्यापन किया जा रहा है। अभियान के अगले चरणों में और अधिक गांवों को शामिल करते हुए पशुपालकों को प्रशिक्षण एवं संसाधन वितरण की योजना बनाई जा रही है, ताकि जिले में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन क्षेत्र को और अधिक सशक्त किया जा सके।

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