कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने त्योंथर क्षेत्र का दौरा कर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का लिया जायजा

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने त्योंथर क्षेत्र का दौरा कर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का लिया जायजा

रीवा 17 जुलाई 2025. जिले में 16 जुलाई से लगातार बारिश हो रही है। इसी अवधि में सतना जिले तथा मिर्जापुर क्षेत्र में भी लगातार बारिश होने से त्योंथर में नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। कई बस्तियों में जल भराव होने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल तथा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने त्योंथर पहुंचकर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने त्योंथर में तीन स्थानों पर बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया। बालक छात्रावास का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यहाँ भोजन और पानी की सुविधा उपलब्ध है। यहाँ पर्याप्त मात्रा में राशन भण्डारित कराएं। मेडिकल टीम राहत शिविरों का लगातार दौरा करती रहे। इसके बाद कलेक्टर ने बेलन और टमस के संगम स्थल मांगी का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ग्रामवासियों से भारी बारिश के संबंध में चर्चा कर लोगों को सतर्क रहने को भी कहा। कलेक्टर ने लोगों से कहा कि जल भराव अथवा बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने पर तुरंत सुरक्षित स्थलों में जाना चाहिए। जलभराव अथवा बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने पर एसडीआरएफ की टीम भी तैनाती की गई है ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा सके। कलेक्टर को ग्रामवासियों ने बताया कि वर्ष 1994 और 1997 में यहाँ भीषण बाढ़ आई थी। अभी टमस नदी का जल स्तर सामान्य है लेकिन बेलन नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। मौके पर उपस्थित कार्यपालन यंत्री जल संसाधन त्योंथर श्री त्रिपाठी ने बताया कि मेजा बांध के 13 गेट खुले थे जिनमें से अब 10 गेट बंद कर दिए गए हैं। अदवा बांध के भी गेट अभी बंद कर दिए गए हैं। दो-तीन घंटे में बेलन नदी का जल स्तर घट जाएगा। अब मिर्जापुर क्षेत्र में बारिश नहीं हो रही है। मौके पर उपस्थित एसडीएम त्योंथर प्रभाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि टमस और बेलन नदी के किनारे के गांवों में लगातार एनाउंसमेंट किया जा रहा है। पटवारी और ग्राम पंचायत सचिव हर घंटे नदियों के जल स्तर की रिपोर्ट दे रहे हैं। ग्राम डीही में 10 लोग बाढ़ से घिर गए थे जिन्हें एसडीआरएफ की टीम द्वारा सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन्हें बनाए गए राहत शिविरों में ले जाया गया है। राहत शिविर में भोजन और पानी की उपलब्धता भी करा दी गई है।
कलेक्टर ने कहा कि चाकघाट, त्योंथर और सोहागी में आठ राहत शिविर बनाए गए हैं। बाढ़ आने पर लोगों को इन राहत शिविरों में रखा जाएगा। इन राहत शिविरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कंट्रोल रूम के संपर्क में रहकर वर्षा की स्थिति की लगातार जानकारी लेते रहें। नदियों के जल स्तर में यदि वृद्धि होती है तो लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाएं। किसी भी स्थिति में जनधन की हानि नहीं होनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने और राहत और बचाव कार्य लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीओपी त्योंथर उदित मिश्रा, तहसीलदार राजेन्द्र शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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