राजस्व प्रकरणों में 50 प्रतिशत से कम निराकरण पर होगी कार्यवाही – कमिश्नर

राजस्व प्रकरणों में 50 प्रतिशत से कम निराकरण पर होगी कार्यवाही – कमिश्नर
राजस्व अधिकारी नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन पर विशेष ध्यान दें – कमिश्नर

रीवा 11 जुलाई 2025. कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने राजस्व कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में कानून और व्यवस्था की निगरानी के साथ राजस्व कार्यों पर विशेष ध्यान दें। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरणों का सर्वेाच्च प्राथमिकता से निराकरण करें। निर्धारित दिवस में राजस्व न्यायालय में अनिवार्य रूप से बैठकर प्रकरणों की सुनवाई करें। लंबित प्रकरणों में 50 प्रतिशत से कम निराकरण होने पर कार्यवाही की जाएगी। सभी एसडीएम और तहसीलदार पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से निराकरण करें। संभाग में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में सिंगरौली जिले ने सबसे अच्छा प्रयास किया है। रीवा जिले में संख्या की दृष्टि से सर्वाधिक प्रकरणों का निराकरण हुआ है। मऊगंज और सीधी जिलों के कलेक्टर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करके स्थिति में सुधार लाएं। नवगठित मऊगंज जिले में भी राजस्व प्रकरणों का निराकरण अच्छा हुआ है। आरसीएमएस पोर्टल तथा सीएम हेल्पलाइन में कोई भी जिला रैंकिंग में 30 से नीचे न जाए, इसके लिए सतत प्रयास करें।

कमिश्नर ने कहा कि सीमांकन और नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण 80 प्रतिशत से अधिक होना सुनिश्चित करें। अनावश्यक पेशी देकर प्रकरण लंबित न रखें। अविवादित नामांतरण तथा बंटवारा के प्रकरण तत्काल निराकृत कराएं। सभी निराकृत प्रकरणों को आरसीएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। एसडीएम मऊगंज, त्योंथर तथा मझौली प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं। कलेक्टर मऊगंज राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष प्रयास करें। अच्छे कार्य करने वाले राजस्व अधिकारियों को आगामी स्वतंत्रता दिवस में सम्मानित करें। राजस्व प्रकरणों के बड़ी संख्या में लंबित रहने के कारण ही संभाग में सीएम हेल्पलाइन में राजस्व विभाग में शिकायतों की संख्या अधिक है। इसमें 50 दिन से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का तत्परता से निराकरण कराएं।

बैठक में कमिश्नर ने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार भू राजस्व की वसूली पर भी ध्यान दें। आरआरसी की वसूली के लिए भी अभियान चलाएं। इस वर्ष जून माह से ही अच्छी बारिश हो रही है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन करके राहत और बचाव के लिए समुचित प्रबंध करें। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से नदियों और बांधों के जल स्तर पर निगरानी रखें। कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखें। जुलाई और अगस्त माह में कई त्यौहार और पर्व होंगे। इनमें कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समुचित प्रबंध करें। बारिश में जलप्रपातों तथा अन्य पर्यटन स्थलों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। जलप्रपातों में सुरक्षा के उचित प्रबंध करें। खतरनाक स्थलों में जाने से रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाएं। सर्पदंश, वज्रपात एवं बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों को राहत राशि का तत्काल भुगतान कराएं। वनाधिकार अधिनियम के शेष प्रकरणों का निर्धारित प्रक्रिया से निराकरण करते हुए पात्र व्यक्तियों को भू अधिकार पत्र जारी कराएं। स्वामित्व योजना, धारणाधिकार योजना और भू अर्जन के प्रकरणों का भी तत्परता से निराकरण करें। बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सतना सतीश कुमार एस, कलेक्टर मैहर श्रीमती रानी बाटड, कलेक्टर सीधी स्वरोचिष सोमवंशी, कलेक्टर सिंगरौली चन्द्रशेखर शुक्ला तथा सभी अनुभागों के एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर श्रेयस गोखले, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी उपस्थित रहीं।

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *