भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण अनिवार्य है – सांसद

भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण अनिवार्य है – सांसद
जल गंगा संवर्धन अभियान में हर व्यक्ति योगदान दे – विधायक मनगवां
धरा में पानी के भण्डार होने पर ही हमारा जीवन सुरक्षित होगा – कमिश्नर
सांसद, विधायक और कमिश्नर ने गौरी झिरिया की सफाई में किया श्रमदान

रीवा 13 मई 2025. जिले भर में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ जल सम्मेलन और सफाई करके आमजनता को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिले के गंगेव विकासखण्ड के ग्राम पंचायत रामपुर बुड़वा में जल सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि मानव सभी जीवों एवं वनस्पतियों के जीवन का आधार पानी है। प्रकृति ने हमें असीमित पानी प्रदान किया है। लेकिन जल संरक्षण पर ध्यान न देने और पानी की लगातार बरबादी से हमारे सामने पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। समय रहते जल संरक्षण के उपाय करें। हर व्यक्ति पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करे। यदि हमें भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित रखना है तो जल संरक्षण करना अनिवार्य है। खेती में सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन का उपयोग करें। नहाने तथा आम निस्तार में भी पानी का सोच-समझकर उपयोग करें। वर्षा के पानी को हर खेत और हर गांव में सहेजने का प्रयास करें। पानी के बिना पृथ्वी पर जीवन नहीं रहेगा। जल सम्मेलन का आयोजन ग्राम पंचायत रामपुर बुड़वा तथा जन अभियान परिषद द्वारा किया गया।
समारोह में सांसद ने कहा कि प्रशासन जल संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। हर आमजनता भी इनमें भागीदारी निभाए। सांसद श्री मिश्र ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कमिश्नर बीएस जामोद द्वारा चलाए गए आपरेशन प्रखर की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपरेशन प्रखर के कारण रीवा संभाग के 66 विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में स्थान बनाया है। सम्मेलन में विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री जी के नेृत्व में पूरे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया है। जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हर व्यक्ति जल संरक्षण कार्यों में श्रमदान करके इस अभियान में अपना योगदान दे। सबके सहयोग से ही जल संरक्षण का उद्देश्य पूरा होगा। गांव में पर्याप्त पानी रहने पर ही समृद्धि आएगी।
सम्मेलन में कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि हमारे पुरखों ने नदियों और जलाशयों को पवित्र मानकर उनकी पूजा की। पूर्वजों को जल संरक्षण का महत्व मालूम था। वृक्षारोपण और जल संरक्षण के कार्य को सबसे बड़ा पुण्य माना जाता था। हमारे पुरखों ने जो जल संचय किया उसका सुख हमारी पीढ़ी को मिला है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि जल संरक्षण की परंपरा को बनाए रखते हुए वर्षा जल को धरा में अधिक से अधिक भण्डारित करने का प्रयास करें। छोटे-छोटे कार्यों और प्रयासों से जल संरक्षण का बड़ा उद्देश्य पूरा होगा। धरा में जल भण्डार समृद्ध हुए तभी हम सबका जीवन सुरक्षित रहेगा। हर व्यक्ति अपने गांव के जल स्रोतों और नदी नालों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई में योगदान करे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्यों तथा अभियान के तहत जिले भर में किए जा रहे जल संरक्षण के कार्यों की जानकारी दी। जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक प्रवीण पाठक ने नदी के प्राचीन उद्गम गौरीकुण्ड के जीर्णोद्धार और नदी को सदैव प्रवाहमान बनाए रखने के लिए आमजनों से सहयोग का आहवान किया।
जल सम्मेलन के बाद सांसद, विधायक, कमिश्नर, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन समिति के सदस्यों एवं आमजनों ने बकचा नदी के गौरी कुण्ड झिरिया की साफ-सफाई में श्रमदान किया। बारहमासी नाले में स्टापडैम की मरम्मत और बोरी बांध बनाने का कार्य भी किया गया। जल सम्मेलन में ग्राम पंचायत के सभी अतिथियों को जल गंगा संवर्धन अभियान में योगदान देने के लिए शॉल श्रीफल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में एसडीएम मनगवां पीएस त्रिपाठी, जनपद के सीईओ प्राची चौबे, तहसीलदार सुमित गुप्ता, नायब तहसीलदार राजीव शुक्ला, विकासखण्ड समन्वयक अनीता मिश्रा, अमित अवस्थी, विष्णुदेव कुशवाहा, शैलेन्द्र दुबे, स्वामी उमेशानंद, संतोष साहू तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने जल संरक्षण के गीत गाते हुए कलश यात्रा निकाली।

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *