मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण के प्रभावी उपाय करें – कलेक्टर

मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण के प्रभावी उपाय करें – कलेक्टर
गर्भवती महिला के समय पर पंजीयन न करने वालों पर कार्यवाही करें – कलेक्टर
रीवा 28 मई 2025. कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्वास्थ्य विभाग के योजनाओं की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इन पर नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करें। जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक निर्धारित प्रोटोकाल का कठोरता से पालन कराते हुए गर्भवती महिलाओं की जाँच और फालोअप करें। गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन न करने वाले आशा कार्यकर्ता पर कड़ी कार्यवाही करें। सभी बीएमओ टीकाकरण केन्द्र एवं प्रसव केन्द्र में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। विभागीय पोर्टल में महिलाओं के पंजीयन, टीकाकरण तथा अन्य जानकारियाँ बीएमओ सात दिवस में दर्ज कराएं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हर माह की 9 और 25 तारीख को लगाए जाने वाले शिविरों में अनुपस्थित डॉक्टरों के विरूद्ध कार्यवाही करें। कलेक्टर ने बीएमओ गंगेव के विरूद्ध कार्यवाही करने तथा ग्राम धर्मपुरा की आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त करने एवं एएनएम को निलंबित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि सभी बीएमओ गर्भवती महिलाओं के पंजीयन तथा नियमित जाँच की हर सप्ताह समीक्षा करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। टीकाकरण केन्द्र में आवश्यक उपकरणों के साथ एएनएम तथा सीएचओ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। सीएचओ को सभी आठ सत्रों में उपस्थित रहने पर ही प्रोत्साहन राशि मंजूर करें। प्रत्येक मंगलवार तथा शुक्रवार को टीकाकरण करने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की जाँच एवं अन्य विभागीय गतिविधियों पर भी ध्यान दें। क्षेत्र का भ्रमण न करने वाले कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्यवाही करें। बीएमओ टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और जाँच का उप स्वास्थ्य केन्द्रवार डाटा का विश्लेषण कर उसमें मिली कमियों को दूर करें। हाई रिस्क गर्भवती महिला की स्वास्थ्य की हर सप्ताह जानकारी लें। उसकी सभी प्रमुख जाँचे विकासखण्ड स्तर पर की जा सकती हैं। उसे रेफर करते समय जाँच और उपचार की पूरी रिपोर्ट आशा कार्यकर्ता के साथ भेजें। महिला के संबंध में जिला चिकित्सालय और मेडिकल कालेज को भी बीएमओ रेफर के समय ही सूचना दे दें जिससे महिला को तत्काल उपचार सुविधा मिल सके। पंजीकृत 71081 महिलाओं में से 16245 एनिमिक पाई गईं। इनमें से 1552 हाईरिस्क चिन्हित की गईं। हाई रिस्क महिलाओं में से केवल 476 को ही खून चढ़ाया गया। शेष महिलाओं का बीएमओ और जिला स्तर से फालोअप नहीं किया गया। इस स्थिति में सुधार करें।
कलेक्टर ने कहा कि सीएमएचओ वर्ष 2024-25 में अब तक हुई 52 गर्भवती और प्रसूता महिलाओं की मौत में प्रत्येक प्रकरण के कारण सहित रिपोर्ट दें, जिनमें मृत्यु के कारण का स्पष्ट उल्लेख करते हुए उत्तरदायी के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करें। जिन स्थानों में गर्भवती महिलाओं की जाँच की जाती है वहाँ डिजिटल थर्मामीटर, डिजिटल ग्लूकोमीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, बीपी इन्स्ट्रूमेंट तथा अन्य आवश्यक उपकरण तत्काल उपलब्ध कराएं। हर माह 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जाँच की कारगर व्यवस्था करें। बीपीएम और बीपीओ के कार्यों की समीक्षा करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसी के आधार पर उनके अनुबंध का नवीनीकरण किया जाएगा। शिशुओं और गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण 92 प्रतिशत है, लेकिन तीन विकासखण्डों में प्रगति ठीक नहीं है। अतिरिक्त दल तैनात कर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराएं। बैठक में कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों की भर्ती, एसएनसीयू के भर्ती बच्चों के फालोअप तथा चाइल्ड डेथ रिपोर्ट के संबंध में निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव शुक्ला ने बताया कि लक्षित गर्भवती में से 87 प्रतिशत का समय पर पंजीयन करके उनकी नियमित जाँच की गई है। हाई रिस्क महिलाओं के लिए जिला अस्पताल सहित पाँच अस्पतालों में वेटिंग रूम की व्यवस्था की गई है जहाँ प्रसव से एक सप्ताह पूर्व महिलाएं भर्ती हो सकती हैं। उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवायें तथा उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिशुओं के टीकाकरण के लिए निर्धारित 40829 सत्रों में से 38583 सत्रों का आयोजन करके 92 प्रतिशत टीकाकरण किया गया है। टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाली एएनएम का वेतन रोका गया है। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ प्रतिभा मिश्रा, टीकाकरण अधिकारी डॉ बीके अग्निहोत्री, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय, डीपीएम राघवेन्द्र मिश्रा, जिला क्षय अधिकारी डॉ अनुराग शर्मा, डॉ सुनील अवस्थी तथा सभी बीएमओ, बीपीओ उपस्थित रहे।