देश का सर्वश्रेष्ठ होगा बसामन मामा गौवंश वन्य विहार – पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गौशाला शेड का हुआ लोकार्पण
बायोगैस प्लांट, नवगृह वाटिका, यज्ञशाला व एसटीपी भी बनाया जायेगा
प्रेरणा का केन्द्र होगा वन्य विहार – सांसद श्री जनार्दन मिश्र
देश का सर्वश्रेष्ठ होगा बसामन मामा गौवंश वन्य विहार – पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

रीवा 18 दिसंबर 2020. बसामन मामा गौवंश वन्य विहार पुर्वा में नवनिर्मित गौशाला शेड का लोकार्पण तथा यज्ञशाला, नवगृह वाटिका, बायोगैस प्लांट तथा एसटीपी का भूमिपूजन कार्यक्रम सांसद जनार्दन मिश्र, पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा सेमरिया विधायक श्री केपी त्रिपाठी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि यह वन्य विहार प्रेरणा का केन्द्र होगा जिसके माध्यम से किसान व गौपालक खेती को उद्योग के साथ जोड़ने की सीख ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयासों से स्थापित यह गौ संरक्षण केन्द्र एक प्रयोगशाला के तौर पर भी विकसित होगा। उन्होंने लोगों से इसके विकास में सहयोग की अपील भी की। श्री मिश्र ने कहा कि अनाज, दूध व फल उत्पादन से किसान समृद्धशाली बन सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प तभी पूरा होगा जब खेती व्यावसायिक होगी तथा गौशालाएं समृद्धशाली होंगी। उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों को समृद्ध बनाने में सहायक होगा।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार देश का सर्वश्रेष्ठ गौवंश संरक्षण का केन्द्र होगा। जहां गौवंश के संरक्षण के साथ ही गाय के गोबर व मूत्र से बनने वाले उत्पादों के माध्यम से वन्य विहार को स्वाबलंबी बनाने का कार्य होगा। श्री शुक्ल ने कहा कि यह वन्य विहार देश में माडल के तौर पर बनाया जायेगा जिसके माध्यम से गौवंश को संरक्षित कर खेती को लाभ का धंधा बनाने का संदेश दिया जायेगा। इस गौ संरक्षण केन्द्र का देश में उसी प्रकार नाम होगा जैसे रीवा में स्थापित सोलर प्लांट का नाम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी गौ संरक्षण के हिमायती हैं। उन्हें भी इस गौ संरक्षण केन्द्र की जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि गाय में देवताओं का वास होता है। आने वाली पीढ़ी व धरती को बचाने के लिये गाय का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि अच्छी नियत के साथ शुरू किया गया कार्य जिस स्वरूप में आगे बढ़ रहा है उसमें गौ माता का ही आशीर्वाद है। इस वन्य विहार को इस लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है ताकि लोग प्रेरणा लेकर खेती व गौ संरक्षण का कार्य करें तथा आत्मनिर्भर भारत को बनाने में सहभागी बनें। उन्होंने किसान हितैषी कानून की सफलता में गौवंश के संरक्षण के महत्व की चर्चा भी की। श्री शुक्ल ने गौशाला में विभिन्न कार्यों के लिये प्रो एक्टिव होकर कार्य करने हेतु रीवा कलेक्टर एवं जिला प्रशासन की प्रशंसा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सेमरिया श्री केपी त्रिपाठी ने कहा कि यह गौवंश वन्य विहार सिर्फ गौपालन केन्द्र न होकर आर्गेनिक हब भी बनेगा। गौपालन केन्द्र में वर्मी कम्पोस्ट बनायी जायेगी जो किसानों के लिये जैविक खेती में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि रीवा विधायक श्री शुक्ल ने कार्य योजना बनाते हुए दूरगामी सोच रखकर इस गौवंश वन्य विहार की आधारशिला रखी थी अब यह विकसित स्वरूप ले रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इसके विकास में सहयोग की अपेक्षा भी की। उन्होंने कहा कि पुर्वा जल प्रपात में पर्यटन के क्षेत्र के साथ ही यह गौवंश संरक्षण केन्द्र इस क्षेत्र की तस्वीर व तकदीर बदलने में सहायक होगा।
कार्यक्रम में रीवा संभाग के कमिश्नर श्री राजेश कुमार जैन ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति का आधार है। इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार सर्वश्रेष्ठ गौ संरक्षण केन्द्र होगा तथा इसके माध्यम से किसानों को जैविक खेती के लिये प्रेरित करने में मदद मिलेगी। मुख्य वन संरक्षक श्री एके सिंह ने कहा कि मानव जीवन के लिये पशुपालन, कृषि व वानिकी की महती आवश्यकता है। इस गौशाला में इन तीनों त्रिवेणी का समन्वय होगा और यह उत्तरोत्तर प्रगति करेगी। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि यह वन्य विहार माडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसे आत्मनिर्भर बनाने के सभी प्रयास किये जायेंगे। किसानों को वर्मी कम्पोस्ट खाद मिले और वह जैविक खेती करने के लिये प्रोत्साहित हों। इस संरक्षण केन्द्र के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक लाभकारी बनाने के भी प्रयास किये जायेंगे। गौ संरक्षण केन्द्र में गौवंशों का उचित प्रबंधन होगा ताकि इससे प्रेरणा लेकर जिले की अन्य गौशालाओं व पशुपालकों को सीख मिले। कार्यक्रम में जिला गौ संवद्र्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने कहा कि पूर्व मंत्री श्री शुक्ल के प्रयासों से स्थापित यह गौ संरक्षण केन्द्र नित नये आयाम स्थापित करेगी तथा देश में आदर्श गौ संरक्षण केन्द्र के तौर पर गिनी जायेगी। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन देते हुए उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि गौ संरक्षण केन्द्र में पांच शेड निर्मित किये जा चुके हैं तथा छ: शेड निर्माणाधीन हैं। वर्तमान समय में यहां 3700 गौवंश हैं। गौ संरक्षण केन्द्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गाय के गोबर से जैविक खाद बनाने तथा गौमूत्र से बनने वाले उत्पादों के निर्माण की भी प्रक्रिया प्रचलन में है। मधुमक्खी पालन का भी कार्य गौशाला में किया जायेगा।
बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में किसानों, पशुपालकों तथा जिले के अन्य गौशाला संचालकों को गौशाला के प्रबंधन, इसे आत्मनिर्भर बनाने, चारा विकास, जैविक खेती के महत्व आदि के संबंध में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा दो सत्रों में आत्मा प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम स्थल में गोबर एवं गौमूत्र से बने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगायी गई। अतिथियों ने गौशाला परिसर का भ्रमण भी किया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन अध्यक्ष एवं अनुविभागीय अधिकारी सिरमौर तथा बसामन मामा गौवंश वन्य विहार संचालन प्रबंधन समिति नीलमणि अग्निहोत्री ने किया। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े, डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी, जनपद सीईओ सिरमौर सुचिता सिंह, अरूणेन्द्र तिवारी, विनीत शुक्ला सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के रहवासी, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी तथा पशुपालक व किसान उपस्थित रहे।

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