अस्पताल में अव्यवस्थाएं पाए जाने पर बीएमओ को निलंबित करने के निर्देश

रीवा 10 मई 2019. कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने आकस्मिक भ्रमण कर मऊगंज में सिविल अस्पताल, पोषण पुनर्वास केन्द्र एवं एकीकृत बाल विकास सेवा कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर डॉ. भार्गव को कई अव्यवस्थाएँ देखने को मिली जिन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने बीएमओ को निलंबित करने एवं अन्य संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल अस्पताल में पिछले 10 दिनों से ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने एवं अस्पताल में अव्यवस्थाएं पाये जाने पर बीएमओ डॉ. पंकज सिंह गहरवार को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य चिकित्सकों एवं स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इनमें डॉ. आर.एन. शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. सुरेन्द्र सिंह, डॉ. अशोक पटेल को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह अन्य स्टाफ के अन्तर्गत प्रकाश साहू, संजीव मिश्रा, सरोज द्विवेदी, संगीता सक्सेना, सोनू सिंह, अरूण सिंह, आशा मिश्रा, विमला पाण्डेय, गायत्री मिश्रा, अपर्णा त्रिपाठी, संदीप पाण्डेय को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में सीएमएचओ कार्यालय रीवा से निरीक्षण पर आये डॉ. एस.सी. मिश्रा द्वारा सिर्फ निरीक्षण की औपचारिकता पूर्ण करने के कारण कमिश्नर डॉ. भार्गव ने उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने सीएमएचओ डॉ. आरएस पाण्डेय को उक्त संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। एकीकृत बाल विकास सेवा कार्यालय में दिसम्बर 2018 के बाद से उपस्थिति रजिस्टर संधारित नहीं होने के कारण यहां पदस्थ सहायक ग्रेड-3 राजकुमार वर्मा की दो वार्षिक वेतन वृद्धियां रोके जाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही तीन सुपरवाइजरों क्रमश: माया सोनी, श्रुति मिश्रा एवं अंजू त्रिपाठी द्वारा क्षेत्र में आंगनवाड़ियों का निरीक्षण नहीं करने पर संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास को कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कम से कम दो आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण अवश्य करें। साथ ही उपस्थित मऊगंज एसडीएम अरविंद कुमार झा को नियमित रूप से अनुभाग में सतत मॉनिटरिंग करने एवं व्यवस्थाएं सुधारने निर्देश दिए।
कमिश्नर डॉ. भार्गव आकस्मिक भ्रमण के दौरान सबसे पहले मऊगंज सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां उनकी नजर मुख्य प्रवेश द्वार पर पड़ी जहां नि:शक्तजनों की सुविधा के लिए रैम्प नहीं बना था। इस पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए रैम्प बनवाने के निर्देश दिए। यहां बीएमओ डॉ. पंकज सिंह गहरवार के उपस्थित नहीं पाये जाने पर उन्होंने फोन करके बुलाने के लिए कहा लेकिन वह निरीक्षण के दौरान उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने अस्पताल में अंदर जाकर देखा तो कई अव्यवस्थाएँ नजर आईं। अस्पताल में साफ-सफाई ठीक ढंग से नहीं पाई गई। दवाइयां स्टोर में न रखी होकर खुले में गैलरी में रखी पाई गई। स्टोर कीपर से पूछने पर बताया गया कि एक महीने से दवाइयां बाहर गैलरी में रखी हुई है। कोल्ड बार अनुपयोगी हालत में बाहर रखा हुआ पाया गया। अस्पताल में चिकित्सक निर्धारित ड्रेस एपरिन एवं नेम प्लेट के साथ नहीं पाये गये। डॉक्टर चप्पल पहने हुए थे। इस पर कमिश्नर डॉ. भार्गव ने उपस्थित चिकित्सकों डॉ. प्रद्युम्न शुक्ला एवं डॉ. पंकज पाण्डेय पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रोपर ड्रेस में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की वेशभूषा डॉक्टर जैसी दिखनी चाहिए। उन्होंने जनरल वार्ड में जाकर मरीजों के हाल-चाल जाने और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। यहां वार्ड में पलंग पर चादर नहीं पाये जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। गद्दे फटे हुए एवं गंदे पाये गये। इस पर उन्होंने स्टोर कीपर कम्पाउंडर श्रीनिवास द्विवेदी पर नाराजगी व्यक्त कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। वार्ड प्रभारी नीलम पाण्डेय वार्ड में ड्यूटी पर उपस्थित नहीं पाई गईं। शौचालय गंदा एवं डस्टबिन टूटे-फूटे पाये जाने पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त की। ऑपरेशन थियेटर के लिए आई नई टेबिल बाहर रखी धूल खाते हुए मिलने के कारण उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। टेबिल की पैकिंग को अभी तक खोला भी नहीं गया था। एक्सरे एवं पैथोलॉजी कक्ष में दवाओं के खाली डिब्वे पाये जाने पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथियों में एक्सरे नियमित रूप से करें। इस संबंध में शिकायत नहीं मिले। ओपीडी का रजिस्टर ठीक ढंग से संधारित नहीं होने पर उन्होंने व्यवस्थित ढंग से रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिए। अस्पताल में दोपहर एक बजे तक मरीजों को खाना नहीं मिलने के कारण उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
कमिश्नर डॉ. भार्गव पोषण पुनर्वास केन्द्र पहुंचे तो यहां भी अव्यवस्था देखने को मिली। यहां रखा फ्रीज बंद पाया गया। दीवालों पर चित्र नहीं पाये गये। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने यहां दो बच्चों सुहानी साकेत एवं दुर्गावती सिंह गौड़ का वजन कराया तो वजन में संतोषजनक वृद्धि पाई गई। एकीकृत बाल विकास सेवा कार्यालय में कचरे के ढेर की तरह धूल जमी हुई फाइलें रखी पाये जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। यहां पदस्थ सीडीपीओ अजय प्रकाश मिश्रा के बिना सूचना के अनुपस्थित पाये गये एवं कार्यालय में विभिन्न अव्यवस्थाएं पाये जाने पर कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने प्रसव के बाद मरीजों को यथाशीघ्र शासन के नियमानुसार सहायता राशि दिये जाने का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संयुक्त आयुक्त राकेश शुक्ला, एसडीएम अरविंद कुमार झा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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