सिंहस्थ मेला क्षेत्र में व्यावसायिक भू-आवंटन की प्रक्रिया शुरू

Simhastha-Lobo

तीन भुजा वाला चिंतामन आरओबी पूर्णता की ओर

उज्जैन में 3413 हेक्टेयर वाले सिंहस्थ मेला क्षेत्र में व्यावसायिक कार्यों के लिये भू-खण्ड आवंटन की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गयी है। अप्रैल-मई में होने वाले सिंहस्थ के दौरान विभिन्न व्यावसायिक गतिविधि के लिये भू-खण्ड की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए मेला कार्यालय ने यह प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिये लगने वाले आवेदन वेबसाइट www.simhasthujjain.in से डाउनलोड किये जा सकते हैं। आवेदन-पत्र 12 फरवरी, 2016 तक अवकाश के दिनों को छोड़कर मुख्य वन संरक्षक के उदयन मार्ग उज्जैन स्थित कार्यालय में सुबह 11 से शाम 5 बजे तक जमा करवाये जा सकते हैं।

विभिन्न सेक्टर में चिन्हित भू-खण्ड के मानचित्र, आरक्षण, आवंटन की शर्तें तथा शुल्क से संबंधित अन्य जानकारी सिंहस्थ कार्यालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। इस बार सिंहस्थ में 20 लाख व्यक्ति के निवास के हिसाब से मेला क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। अधिकतम प्रतिदिन एक करोड़ व्यक्ति के मान से सारी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। सिंहस्थ अवधि के दौरान करीब 5 करोड़ श्रद्वालुओं के उज्जैन पहुँचने का अनुमान लगाया गया है।

मेला कार्यालय द्वारा महाकाल जोन में साधु-संतों को 156 प्लाट आवंटित कर दिये गये हैं। आवंटित प्लाटों के कब्जे की कार्यवाही जोन कार्यालय द्वारा की जा रही है।

पुरुषोत्तम सागर का विकास

सिंहस्थ में सप्त सागरों का जीर्णोद्धार और विकास किया जा रहा है। इन्हीं सागरों में से पुरुषोत्तम सागर का जीर्णोद्धार और विकास कार्य 4 करोड़ 41 लाख की लागत से किया जा रहा है। उज्जैन नगर निगम द्वारा पुरुषोत्तम सागर पर स्टोन पिचिंग, विद्युत सज्जा, म्यूजिकल फाउंटेन और पॉथ-वे का निर्माण किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को रेलवे फाटक पर जाम में नहीं फँसना पड़े, इसके लिये 3 भुजा वाला रेलवे ओव्हर-ब्रिज (आरओबी) तैयार किया जा रहा है। रेलवे द्वारा 26 करोड़ की लागत से बनाया जाने वाला यह ब्रिज लगभग पूर्णता की ओर है।

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