समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत – उप मुख्यमंत्री

समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत – उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से की बालाघाट की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
रीवा 24 सितंबर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के
माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की समीक्षा की। बैठक में खसरा-रूबेला, डायरिया एवं
मलेरिया नियंत्रण तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए की जा रही कार्यवाही
की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट में महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,
शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपसी समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्य
किया जा रहा है। मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी, समय पर उपचार, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और दूरस्थ क्षेत्रों
तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया
कि वर्तमान प्रयासों को निरंतर बनाए रखते हुए बालाघाट को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक
आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए। बालाघाट जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल
विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करें और मैदानी स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की
नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी
उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुमन पंचायत के रूप में पंचायतों को विकसित करने के लिए एक वर्ष की
अवधि में शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु सुनिश्चित करना प्रमुख मानकों में शामिल है। गर्भवती महिलाओं का शत-
प्रतिशत पंजीयन एवं एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं
नवजात देखभाल और समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करें। एएनसी चेकअप का
कवरेज 90 प्रतिशत है। इसे शत-प्रतिशत बनाने के लिए विशेष प्रयास करें। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का
समय पर चिन्हांकन करके समुचित जाँच और उपचार करें। महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा में बालाघाट जिले को प्रदेश
का अव्वल जिला बनाएं। बालाघाट में खसरा नियंत्रण के लिए बुखार एवं दाने वाले मामलों की विशेष निगरानी की
जा रही है। ऐसे संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे
बच्चों की पहचान कर उन्हें MR वैक्सीन से सुरक्षित करने के लिए कैच-अप राउंड एवं आउटब्रेक रिस्पॉन्स
इम्युनाइजेशन (ORI) गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया
जा चुका है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया
है। जिले में दस्त एवं डायरिया नियंत्रण के लिए अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस तथा 1,60,431 परिवारों
को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर सफल उपचार किया गया
है। जिला अस्पताल में बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाते हुए बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा
PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। लगातार प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं।