उप जेल त्योंथर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

उप जेल त्योंथर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
बंदियों को दी गई अधिकारों और कानूनी सहायता की जानकारी
रीवा 30 मई 2026. मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रीवा के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राकेश मोहन प्रधान के कुशल मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति त्योंथर के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्री वैभव सक्सेना ने उप जेल त्योंथर का औचक निरीक्षण किया । निरीक्षण के साथ ही जेल परिसर में बंदियों के कल्याण और जागरूकता के लिए एक विधिक साक्षरता शिविर का भी भव्य आयोजन किया गया । शिविर को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश ने उपस्थित बंदियों को जेल नियमावली, उनके विधिक अधिकारों तथा प्ली बारगेनिंग के प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बंदियों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि न्याय पाने की राह में गरीबी कभी रोड़ा नहीं बन सकती। यदि कोई भी बंदी अपने लिए निजी अधिवक्ता की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं है, तो उसे विधिक सेवा समिति के माध्यम से सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने बंदियों को उनके बुनियादी अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि कानूनन प्रत्येक बंदी को अपने परिजनों से नियमित संपर्क में रहने और उनसे मुलाकात करने का पूरा अधिकार है ।
बंदियों के स्वास्थ्य और मानवीय अधिकारों पर जोर देते हुए जिला न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी बंदी को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या या बीमारी होती है, तो जेल प्रशासन के अंतर्गत उन्हें तुरंत उचित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी अनिवार्य हैं। शिविर के दौरान उन्होंने कानून से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला। न्यायाधीश श्री सक्सेना ने जेल में बंद सभी बंदियों से ‘वन-टू-वन’ चर्चा की। उन्होंने एक-एक कर सभी बंदियों की समस्याओं और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर ही मौजूद जेल प्रशासन को उन सभी समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। शिविर में जेल अधीक्षक शांतिभूषण सिंह, विधिक सहायता विभाग से विक्रम चंद्र मिश्रा, जेल का समस्त स्टाफ तथा बंदीगण उपस्थित रहे।