सफलता की कहानी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दो बेटियों के दिल को मिली नई धड़कनें

सफलता की कहानी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दो बेटियों के दिल को मिली नई धड़कनें रीवा 30 अप्रैल 2026. सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल रीवा विन्ध्य ही नहीं पूरे प्रदेश में हृदय रोगों के उपचार के बड़े केन्द्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। इसमें जटिल हृदय रोगों का लगातार सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है। इस क्रम में हृदय रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी और उनके सहयोगियों ने विन्ध्य की दो बेटियों को जटिल आपरेशन करके हृदय रोग से मुक्ति दिलाई। अब इन बेटियों के दिल में नई धड़कन का संचार हो गया है। डॉक्टरों ने तीन वर्षीय बालिका के जन्मजात हृदय रोग का उपचार पीडीए डिवाइस क्लोजर लगाकर किया। यह एक जटिल आपरेशन है। डॉक्टरों ने 22 वर्षीय युवती में भी एएसडी डिवाइस क्लोजर लगाकर अत्याधुनिक कैथलैब तकनीक से सफलतापूर्वक आपरेशन किया। दोनों जटिल आपरेशन बिना ओपेन हार्ट सर्जरी के न्यूनतम इन्वेसिस तकनीक से किए गए, जिससे रोगियों को कम दर्द और कम रक्त स्त्राव हुआ। आपरेशन के बाद दोनो बेटियाँ पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. व्हीडी त्रिपाठी के नेतृत्व में लगातार कई जटिल आपरेशन किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के विशेष प्रयासों से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना के साथ-साथ इसमें लगातार आधुनिकतम मशीनों की स्थापना की जा रही है। जिसके कारण जटिल रोगों का उपचार संभव हो सका है। जो आपरेशन केवल बड़े महानगरों में होते थे उन्हें सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में विन्ध्य क्षेत्र और आसपास के रोगी लाभ उठा रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के लिए मेडिकल कालेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हृदय रोग के जटिल आपरेशन को सफल बनाने में डॉ. अकरम, जय मिश्रा, मनीष, विजय, सोनाली तथा सुधांशु का विशेष योगदान रहा।

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