उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राष्ट्रीय सेमीनार के ब्रोशर का किया विमोचन

उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राष्ट्रीय सेमीनार के ब्रोशर का किया विमोचन
प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरणीय सततता विषय पर 18 व 19 मार्च को होगा आयोजन
रीवा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रीवा के भूविज्ञान विभाग द्वारा “नेचुरल रिसोर्सेज एंड एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी” विषय पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सेमीनार के ब्रोशर का विमोचन मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सेमीनार के आयोजन को समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना आज पूरे विश्व के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस प्रकार के विषयों पर गंभीर विमर्श का आयोजन अत्यंत सराहनीय है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रीवा के भूविज्ञान विभाग द्वारा “नेचुरल रिसोर्सेज एंड एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी” विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन 18 और 19 मार्च 2026 को किया जा रहा है। इस सेमीनार का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, उनके समुचित प्रबंधन तथा पर्यावरणीय सततता के प्रति अकादमिक एवं सामाजिक स्तर पर व्यापक जागरूकता विकसित करना है।
सेमीनार में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं शैक्षणिक संस्थाओं के प्रख्यात वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, शोधार्थी तथा विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, खनिज संसाधन प्रबंधन तथा भू-पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार और शोध प्रस्तुत करेंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य रवीन्द्रनाथ तिवारी के अनुसार सेमीनार का उद्देश्य केवल अकादमिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा हरित विकास की दिशा में समाज को जागरूक करने का प्रयास भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे और विशेषज्ञों के व्याख्यानों के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान पर भी मंथन होगा।
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षाविदों और महाविद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय सेमीनार विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर कार्य कर रहे विशेषज्ञों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा, जहां ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में ठोस पहल को बढ़ावा मिलेगा।