सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में होली के दिन बचाई गई जटिल हृदय रोगी की जान

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में होली के दिन बचाई गई जटिल हृदय रोगी की जान
टीएपी तकनीक का सफल प्रयोग

रीवा 02 मार्च 2026. रंगों के त्योहार होली के अवसर पर जहाँ पूरा प्रदेश उत्सव में डूबा था, वहीं रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने एक गंभीर मरीज को ‘नया जीवन’ देकर मानवता की मिसाल पेश की है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. त्रिपाठी और उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल हार्ट प्रोसीजर को सफलतापूर्वक संपन्न कर मरीज की जान बचाई। मरीज की धमनियों में ‘बाइफरकेशन ब्लॉकेज’ की समस्या थी, जहाँ नस दो हिस्सों में बंटती है। ऐसी स्थिति में इलाज करना काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। डॉ. त्रिपाठी ने आधुनिक टीएपी तकनीक का उपयोग कर बंद नसों को खोला। यह सफल ऑपरेशन अस्पताल की हाई-टेक कैथ लैब में पूरी सटीकता के साथ किया गया। इस सफलता में कैथ लैब टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसमें जय नारायण मिश्रा, सुधांशु तिवारी, सुमन साहू, अमन मिश्रा, सत्यम, निकित, विजय और सोनाली शामिल थे।

डॉ. त्रिपाठी ने इस उपलब्धि का श्रेय उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के विजन और श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल व सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व को दिया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के प्रयासों से रीवा अब स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। अब विंध्य क्षेत्र के मरीजों को हृदय रोगों के जटिल उपचार के लिए बड़े महानगरों की ओर नहीं भागना पड़ता, बल्कि उन्हें स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *