भारत पर्व में आयोजित कवि सम्मेलन में गूंजे देश प्रेम के स्वर

तीन रंग की ओढ़ चुनरिया, तेरा ध्वज लहराए………
भारत पर्व में राष्ट्रप्रेम की कविताओं की रही गूंज
भारत पर्व में आयोजित कवि सम्मेलन में गूंजे देश प्रेम के स्वर

रीवा 27 जनवरी 2026. गणतंत्र दिवस की संध्या पर नगर निगम टाउनहाल रीवा में भारत पर्व का आयोजन किया गया। भारत पर्व में संस्कृति विभाग के स्वराज संस्थान द्वारा तैनात कवियों ने देशप्रेम से ओत-प्रोत कविताएं सुनाई। कवि सम्मेलन का शुभारंभ अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने किया। माँ सरस्वती की वंदना के साथ कवि सम्मेलन आरंभ हुआ। कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए वरिष्ठ कवि सुरेश श्रीवास्तव सौरभ ने गणतंत्र दिवस के महत्व तथा देश की आजादी के लिए प्राणों का बलिदान करने वाले वीरों को याद करते हुए कवि सम्मेलन शुरू किया। कवि सम्मेलन में सबसे पहले कटनी से आईं कवयित्री मधु जैन माधवी ने माँ सरस्वती की वंदना और माँ शारदा का नमन किया। उन्होंने तीन रंग की ओढ़ चुनरिया, तेरा ध्वज लहराए कविता के साथ माँ भारती की वंदना की। उन्होंने मनवीणा की स्वर लहरी में जन-गण-मन का वास रहे गीत से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।

कवि सम्मेलन में कटनी से पधारे कवि सानूराज बेखौफ ने माता-पिता को समर्पित कविता सुनाई। कवि सम्मेलन में पन्ना जिले के पवई से पधारे कवि रघुवीर तिवारी योगी ने हिमालय है सुशोभित जिसका मुकुट बन, रत्नाकर जिसके चरण पखारता पंक्तियों के साथ देश वंदना की। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से विन्ध्य की माटी, सफेद बाघों की भूमि और विन्ध्य के जलप्रपातों का सुंदर चित्रण किया। श्री योगी ने गौ हत्या रोकने के लिए मार्मिक कविता प्रस्तुत की। कवि सम्मेलन में नवोदित कवयित्री तथा रीवा नगर निगम में कार्यरत अपूर्वा चतुर्वेदी ने आकर्षक ढंग से मधुर स्वर में हम तोड़ के सब धाराएं, ध्वज अंबर तक लहराएं गीत प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन में विन्ध्य माटी के कवि रामकृष्ण द्विवेदी ने रोचक अंदाज में व्यंग्य बाणों से सजी कविता सुनाई। उन्होंने प्रयागराज के माघ स्नान का बघेली कविता से चित्रण करके श्रोताओं की तालियाँ बटोरी। श्री द्विवेदी ने माँ-बाप की दुख-दर्द की साथी हैं बेटियाँ गीत के माध्यम ेस परिवार में बेटियों के महत्व और महिला सशक्तिकरण के आयामों का आविर्भाव किया।

कवि सम्मेलन के अंत में संचालन कर रहे कवि सुरेश सौरभ ने राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कविताएं और मुक्तक सुनाए। उन्होंने गीतों में शृंगार नहीं अंगार चाहिए पंक्तियों के साथ काव्य पाठ की शुरूआत की। उन्होंने कविताओं के माध्यम से वीर जवानों के बलिदान, देश की प्रगति राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रप्रेम की सुगंध बिखेरी। कवि सम्मेलन के समापन पर जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से सभी कवियों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। टाउन हाल में जनसंपर्क विभाग द्वारा चित्र प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ उठाया।

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