प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल का दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण

प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल का दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण
विकास योजनाओं से जुड़े अधिकारी गति शक्ति पोर्टल का उपयोग करें – श्री गुर्जर
रीवा 07 जनवरी 2026. विकास परियोजनाओं तथा निर्माण कार्यों में विभिन्न विभागों के समन्वय की आवश्यकता होती है। इसके लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल केन्द्र सरकार द्वारा बनाया गया है। इस पोर्टल में विभिन्न विभागों से जुड़ी 1600 तरह की जानकारी अपलोड है। जिसमें प्रदेश, जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर पर नदी, पहाड़, बिजली की लाइन, सड़क, नहरें, वन क्षेत्र, निजी भूमि, शासकीय भूमि, बांध, औद्योगिक क्षेत्र, स्कूल, आंगनवाड़ी केन्द्र, अस्पताल तथा अन्य जानकारियाँ उपलब्ध हैं। पोर्टल के संबंध में भोपाल से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने कहा कि विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए गति शक्ति पोर्टल का उपयोग करें। सभी अधिकारी इसकी आईडी पासवर्ड जनरेट कर लें। इसके माध्यम से निर्माण कार्यों में अन्य विभागों का अनापत्ति प्रमाण पत्र तत्काल मिल जाएगा। पोर्टल के माध्यम से परियोजना के निर्माण स्थल के आसपास की भौगोलिक जानकारी, अधोसंरचना तथा सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों भी जानकरी मिल जाएगी। गति शक्ति पोर्टल पर उपयोग करके परियोजनाओं के डीपीआर तैयार करें।
पोर्टल का ऑनलाइन प्रशिक्षण देते हुए भोपाल से अंकुश मिश्रा तथा नितिन कुमार ने गति शक्ति पोर्टल की आधारभूत जानकारी एवं कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में बताया गया कि पोर्टल के माध्यम से निर्माण कार्यों से जुड़े सभी विभागों का समन्वय किया गया है। इसमें 27 तरह के विभिन्न विभागों से जुड़े टूल्स उपलब्ध हैं। इसमें सड़क, बिजली की लाइन, नहर, बांध, नदी, जमीन, वन आदि की जानकारी के साथ-साथ ईको सेन्सिटिव जोन की भी जानकारी है। सामान्य रूप से किसी भी बड़ी परियोजना की डिटेल रिपोर्ट बनाने में छ: महीने से एक साल का समय लगता है। इसे गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से केवल दो दिन में बनाया जा सकता है। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी। पोर्टल से जुड़े विभागों के अधिकारी शासकीय मेल आईडी, आधार संख्या से जुड़े मोबाइल नम्बर के माध्यम से लॉगिन आईडी बना सकते हैं। आधार संख्या से जुड़े ओटीपी के माध्यम से इसका पंजीयन होगा। जिस जिले के लिए पंजीयन किया जा रहा है वह केवल उसी जिले में मान्य होगा। अधिकारी के ट्रांसफर होने पर उसे अन्य जिले में पुन: नई आईडी बनानी होगी। बैठक में परिवहन अधिकारी मनीष त्रिपाठी, खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी, सिविल सर्जन डॉ प्रतिभा मिश्रा, एसडीओ वन श्री खण्डेलवाल, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग नितिन पटेल, महाप्रबंधक उद्योग जेपी तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।