एकल नल-जल योजनाओं से नल कनेक्शन का लक्ष्य दिसम्बर तक पूरा करें – कमिश्नर

समूह नल-जल योजना में पाइपलाइन बिछाने की हर सप्ताह रिपोर्ट दें – कमिश्नर
हर घर में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य तय समय सीमा में पूरा करें – कमिश्नर

रीवा 05 जुलाई 2025. कमिश्नर बीएस जामोद ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि हर घर में नल से जल पहुंचाने की प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना के निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं। निर्माण एजेंसियों के कार्यों की प्रगति की नियमित रिपोर्ट दें। पाइपलाइन बिछाने के कार्य की हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करें। निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति धीमी है। संभाग के पाँच जिलों को पेयजल की आपूर्ति करने वाली बाणसागर बांध पर आधारित तीन बड़ी समूह नल-जल योजनाओं का कार्य तेजी से करें। इन सबका कार्य इस वर्ष मार्च माह तक पूरा हो रहा था। इन्हें एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है। समूह नल-जल योजनाओं के बड़े निर्माण कार्य दिसम्बर माह तक अनिवार्य रूप से पूरा कराएं। निर्माण कार्य में किसी भी तरह की बाधा आने पर तत्काल अवगत कराएं।

कमिश्नर ने कहा कि जल जीवन मिशन से हर घर में नल से जल पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इससे जुड़े निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा कराएं। घरों में नल कनेक्शन की प्रगति की भी हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिन गांवों में पानी की आपूर्ति की जा रही है वहाँ निर्धारित की गई जल कर की राशि भी ग्राम पंचायत के सहयोग से एकत्रित करें। इन गांवों में भी जल उपभोक्ताओं से सतत संवाद रखें। पानी की आपूर्ति के संबंध में किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर उसे तत्काल दूर कराएं। समूह नल-जल योजनाओं के कार्यों में सहयोग के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी सेवाएं ली जा रही हैं। इनके माध्यम से लोगों को नल-जल योजनाओं के संचालन, संधारण, जल कर की वसूली आदि के संबंध में जागरूक करें। नल-जल योजना के पानी का दुरूपयोग भी नहीं होना चाहिए।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सतना बाणसागर तथा सीधी बाणसागर समूह नल-जल योजना में जल शोधन संयंत्र का कार्य 15 सितम्बर तक पूरा कराएं। कंदैला समूह नल-जल योजना में पेयजल की आपूर्ति के साथ नल-जल योजना ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर करें। सीधी गुलाबसागर समूह नल-जल योजना से 323 गांवों में पेयजल की आपूर्ति होगी। इसमें संजय टाईगर रिजर्व के क्षेत्र में वन विभाग से अनुमति प्राप्त होने के बाद कार्य होगा लेकिन शेष क्षेत्र में तेजी से कार्य कराएं। इससे जुड़े सभी निर्माण कार्य जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करें। बैठक में कमिश्नर ने सिंगरौली जिले की गोड़-देवसर समूह नल-जल योजना, सतना बाणसागर एक और बाणसागर दो समूह नल-जल योजना तथा रीवा बाणसागर समूह नल-जल योजना की बिन्दुवार समीक्षा की। कमिश्नर ने आगामी समीक्षा बैठक में निर्माण एजेंसियों को भी उपस्थित कराने के निर्देश दिए। बैठक में पाइपलाइन बिछाने, टंकियों के निर्माण, डब्ल्यूटीपी निर्माण तथा इंटेक वेल निर्माण की समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, जल जीवन मिशन के जिला प्रबंधक रीवा चित्रांशु, जिला प्रबंधक सीधी नीरव अग्रवाल, जिला प्रबंधक सतना विवेक कुमार, जिला प्रबंधक सिंगरौली पंकज बाधवानी, सहायक प्रबंधक नीतेश सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

एकल नल-जल योजनाओं से नल कनेक्शन का लक्ष्य दिसम्बर तक पूरा करें – कमिश्नर
कार्य योजना में बसाहटों को छोड़ने वाले अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय होगी – कमिश्नर

रीवा 05 जुलाई 2025. कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि एकल नल-जल योजनाओं का कार्य पूरा होते ही उन्हें ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर करें। इन योजनाओं में जहाँ समूह नल-जल योजना से पानी मिलेगा वहाँ पर टंकी तथा पाइपलाइन का निर्माण पूरा कराकर पानी के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। एकल नल-जल योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा कराकर निर्धारित लक्ष्य अनुसार सभी घरों में दिसम्बर माह तक नल कनेक्शन अनिवार्य रूप से कराएं। नल-जल योजनाओं के निर्माण के लिए वर्ष 2019 में किए गए सर्वे में कई बसाहटों को छोड़ दिया गया। जिसके कारण अधिकांश गांवों की कार्ययोजना को रिवाइज किया जा रहा है। जिन अधिकारियों ने सर्वे कार्य में लापरवाही बरतकर बसाहटों को नल-जल योजना के लाभ से वंचित किया उन पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में कमिश्नर ने कहा कि रीवा जिले में 133, सतना जिले में 56, मऊगंज जिले में 125, सिंगरौली जिले में 116 तथा सीधी जिले में 132 गांवों की नल-जल योजनाओं को रिवाइज किया गया है। इनके टेण्डर तत्काल लगाकर कार्य शुरू कराएं। जो निर्माण एजेंसी कार्य में लापरवाही बरत रही है उसे ब्लैकलिस्टेड करने के साथ कार्य से हटाएं। नए टेण्डर में भी लापरवाह निर्माण एजेंसियों को अवसर न दें। पूर्ण नल-जल योजनाओं को हैण्डओवर करने की कार्यवाही करें। पुनरीक्षित कार्यों के टेण्डर की कार्यवाही सात दिवस में पूरी करें। बैठक में कार्यपालन यंत्री संजय पाण्डेय ने बताया कि जिन नल-जल योजनाओं में टंकी का निर्माण होना है उन्हें छ: माह में और जिनमें टंकी का निर्माण नहीं होना है उनमें तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। सभी कार्यों के टेण्डर की तैयारी कर ली गई है। संभाग में वर्तमान में संचालित 1461 एकल नल-जल योजनाओं से 4 लाख 600 घरों में नल कनेक्शन का लक्ष्य रखा गया है। अब तक पूर्ण नल-जल योजनाओं से 3 लाख 6 हजार 626 नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। दिसम्बर माह तक शेष नल कनेक्शन का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, कार्यपालन यंत्री सिंगरौली त्रिलोक सिंह बरकड़े, मेकेनिकल रीवा बीएल कनेल, मेकेनिकल सतना ज्योति तिवारी, कार्यपालन यंत्री सतना श्वेतांक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थ्ति रहे।

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