उप मुख्यमंत्री ने बिछिया नदी में पुल निर्माण का किया भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री ने बिछिया नदी में पुल निर्माण का किया भूमिपूजन
संस्कृत से ही समृद्ध होगी सनातन संस्कृति – उप मुख्यमंत्री

विन्ध्य ने संकटकाल में संस्कृत भाषा और विद्वानों का संरक्षण किया – उप मुख्यमंत्री
रीवा 14 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग परिसर में आयोजित कार्यक्रम
में बिछिया नदी पर पुल निर्माण का भूमिपूजन किया। इसकी लागत 21 करोड़ 98 लाख 87 हजार रुपए है। इसके साथ
1620 मीटर सड़क भी बनाई जा रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल लक्ष्मणबाग की नदी के दोनों
ओर की जमीनों को जोड़ने और रामानुज संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर को लक्ष्मणबाग से जोड़ेगा। वार्ड 45 के निवासियों
की बहुप्रतीक्षित मांग अब पूरी हो गई है। इस पुल के बन जाने से संस्कृत विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लक्ष्मणबाग परिसर
में पहुंचकर मंत्रोच्चार और गौ सेवा का अवसर पा सकेंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत देवभाषा हमारी सनातन संस्कृति और संस्कारों का आधार है। संस्कृत
का संरक्षण और विकास होगा तभी भारत 2047 तक विश्वगुरू बन सकेगा। वैदिक परंपरा में ज्ञान और भक्ति के स्रोत
संस्कृत में ही रचे गए हैं। देश में जब विदेशी आक्रांताओं ने संस्कृत के विश्वविद्यालय और विद्यालयों को नष्ट करने का
प्रयास किया। ऐसे संकटकाल में विन्ध्य की धरा ने संस्कृत भाषा और संस्कृत विद्वानों को संरक्षण दिया। संस्कृत के
विकास के लिए इस परिसर में पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय का कैम्पस शुरू किया गया है। यहाँ पूर्व में संचालित
संस्कृत विद्यालय को भी पुन: शुरू किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ माता और देवों के आशीर्वाद से यह
परिसर संस्कृत और सनातन संस्कृति का केन्द्र बनेगा। गौ माता की सेवा के लिए लक्ष्मणबाग परिसर, बसामन मामा गौ
अभ्यारण्य तथा हिनौती गौधाम में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गौमाता अगर कष्ट में रहीं तो मानव का जीवन भी सुखमय
नहीं होगा। संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर निर्माण से लक्ष्मणबाग ट्रस्ट को 10 करोड़ रुपए मिले हैं। पुल के निर्माण के
बाद इसे 11 करोड़ रुपए पुन: मिलेंगे। इससे यहाँ के मंदिरों और इससे जुड़ी संस्थाओं में व्यवस्थाएं बेहतर होंगी।
समारोह में सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से विन्ध्य क्षेत्र की संस्कृत
भाषा के विकास की परंपरा पुनर्जीवित हो रही है। संस्कृत से ही सनातन संस्कृति की रक्षा होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र
मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की राह में आगे बढ़ रहा है। कई देश विरोधी ताकतें इसमें बाधा डालने और
सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं। इनसे सभी को सावधान रहना है। समारोह में पाणिनि संस्कृत
विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर शिवशंकर मिश्र ने कहा कि विश्व का सर्वश्रेष्ठ ज्ञान हमारे प्राचीन ग्रंथों में है। इन ग्रंथों
का अध्ययन करने के लिए संस्कृत भाषा का ज्ञान आवश्यक है। यह वैदिक चिंतन और ज्ञान का आधार है। संस्कृत से ही
भारतीय संस्कृति की रक्षा होगी। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश
पाण्डेय, रेडक्रास के चेयरमैन डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी, पंडित बाला व्यंकटेश शास्त्री, श्री रामसुमन दास जी, श्रीमती हेमलता
सिंह, पार्षदगण, कार्यपालन यंत्री सेतु एसपी तिवारी, एसडीएम हुजूर जितेन्द्र तिवारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि गण तथा
आमजन उपस्थित रहे।

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