अक्षरधाम मंदिर के रजत जयन्ती समारोह में प्रधानमंत्री ने लिया हिस्सा

गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर की स्थापना के रजत जयन्ती समारोह में हिस्सा लेने पीएम मोदी पहुंचे, वहां उन्होंने मयूर द्वार का उद्घाटन किया और नीलकंठ अभिषेक में हिस्सा लिया, इसके साथ ही पीएम ने स्वामीनारायण संप्रदाय के योगदान को किया याद

अक्षरधाम मंदिर की स्थापना के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित रजत जयन्ती समारोह में शामिल होने पीएम मोदी आज शाम गांधीनगर पहुंचे, पीएम मोदी ने स्वामीनारयण संम्प्रदाय के साथ अपने अनुभवो को साझा किया तो सम्प्रदाय के अनुयायिओं के सामाजिक कार्यो की सराहना की।

आस्था,समर्पण और संस्कृति की अनमोल विरासत माने जाने वाला ये मंदिर 30 अक्टूबर 1992 में गांधीनगर में बनकर तैयार हुआ था। तब से ये मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। संस्थान में केवल सेवा भाव बल्कि देश प्रेम से ओतप्रोत चीजें और कार्यक्रम हमेशा से ही होते रहे हैं। इस मौके पर मंदिर की 25 साल की यात्रा पर तैयार 15 मिनट के भव्य ध्वनि एवं प्रकाश शो ‘अक्षरधाम सनातनम’ दिखाया गया जिसे देखकर पीएम मोदी समेत वहां मौजूद हर शख्स अभिभूत हो गया।

इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मंदिर और स्वामी नारायण संप्रदाय से अपने पुराने रिश्तों को याद किया ।
दरअसल नरेन्द्र मोदी गांधीनगर अक्षरधाम मंदिर से निर्माण के वक्त से ही जुड़े हैं, संप्रदाय के पूर्व प्रमुख से भी पीएम का काफी लगाव था। पीएम मोदी 15 अगस्त को जब गुजरात आए थे, तो स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रमुख स्वामी के निधन पर शोक व्यक्त करने अक्षरधाम गए थे। पीएम ने स्वामी को अपने पिता जैसा बताया था। पीएम ने स्वामीनारायण समुदाय के सामाजिक कार्यों की भी जमकर तारीफ की ।

पूरी दुनिया में तीन  अक्षरधाम मंदिर हैं जिनमें से दो भारत में हैं । गांधीनगर का अक्षरधाम मंदिर भक्ति…..वास्तुकला…..और अपनी दुर्लभ कलाकृतियों के लिए जाना जाता है । मंदिर में गुलाबी बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है और इस इमारत में कहीं भी सीमेंट या इस्पात का प्रयोग नहीं किया गया है। अपनी अनोखी वास्तुकला के साथ स्वामीनारायण मंदिर से जुड़े करोड़ो अनुयायी इसे और भी दिव्य बना देते हैं। दुनिया के बड़े मंदिरों में से एक अक्षरधाम पर 2002 में आतंकी साया भी मंडराया लेकिन मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ।

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