कमिश्नर भार्गव ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक की

निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण समय सीमा के अन्दर पूर्ण करें – कमिश्नर
निर्माण कार्यों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

रीवा 20 जून 2019. कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुये निर्देश दिये कि निर्माण कार्य पूर्ण कराते समय ऊर्जा, उत्साह एवं उमंग बनाये रखें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्तर्गत स्वीकृत समस्त निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में गुणवत्ता पूर्ण पूरी की जाय। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण के दौरान दोनों तरफ किनारे-किनारे छायादार वृक्ष लगाये जांय। धूल से बचाव के लिए सड़क के दोनों तरफ सिंचाई की व्यवस्था करें। अगली कार्य योजना का निर्माण करते समय शेष बचे ग्रामों को सड़कों से जोड़ा जाय। सड़कें आवागमन के साधन के साथ ही ग्रामीणों के विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं। अपूर्ण निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के लिए ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विवादों का निराकरण किया जाय। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास राकेश शुक्ला, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के मुख्य महाप्रबंधक यू.बी. सिंह, पीआईयू के मुख्य अभियंता के.सी. अहिरवार, कार्यपालन यंत्री वसीम खान सहित संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कमिश्नर डॉ. भार्गव ने रीवा, सेमरिया रोड से मोहनी, सोनौरी से उपरोहतिन पुरवा तथा इटौरी जवा रोड से डिहिया तक स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में आ रहे व्यवधान को जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर से संपर्क कर निराकरण करने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान बताया गया कि रीवा संभाग में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्तर्गत 469 सड़कों के निर्माण की स्वीकृत प्राप्त हुई थी। इसमें से 88 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, 283 कार्य प्रगतिरत हैं तथा 78 निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सके हैं।
उन्होंने कहा कि संभाग का कोई भी गांव सड़क विहीन न रहे समस्त ग्रामों को गुणवत्ता पूर्ण सड़क से जोड़ा जाय। सड़कों के किनारे हरीतिमा विकसित करने के लिए बारिश के मौसम में आम, जामुन, नीम, बरगद के छायादार वृक्ष लगाये जाय। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्यों को संविदाकार द्वारा निर्धारित समय में पूर्ण नहीं किया जाता तो संविदाकार को ब्लैकलिस्टेड करें। निर्माण एजेंसियां सड़क निर्माण में आ रहे वन भूमि विवाद के मामले सर्वसम्मति से निराकरण करें। यदि निराकरण करना संभव न हो तो संभागीय समिति को प्रकरण भेजे । जिन निर्माण कार्यों में विवाद नहीं है उन कार्यों को तत्परता पूर्वक पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्तर्गत निर्मित सड़कों में यदि भारी वाहन निकलते हैं तो सीसीटीवी से उनकी रिकार्डिंग कर उनसे सड़क में क्षति की राशि वसूली जाय। जो एजेंसियां केवल बिछाने के लिए बिना सूचना के सड़क खोदकर बर्वाद कर देते हैं उन एजेंसियों से संवाद बनाये रखें।
कमिश्नर डॉ. भार्गव ने पीआईयू द्वारा निर्मित किये जा रहे भवनों के निर्माण कार्यों के प्रगति की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि भवनों में पर्याप्त वेन्टिलेशन, खिड़कियों में फिनसिंग तथा रैम्प का निर्माण करें। इसके साथ ही जल संरक्षण के लिए वाटर हारवेÏस्टग बनाई जाय। यदि हैण्डपंप का खनन किया जा रहा है तो सोख्ता गढढे बनाये जाय । छात्रावास के लिए निर्मित किये जा रहे भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये जाय इससे छात्रावासों को सरलता के साथ विद्युत उपलब्ध होगी। खिड़कियों में मच्छरों से बचाव के लिए जाली लगाई जाय। भवनों के साथ निर्मित किये गये बाउंड्रीबाल के किनारे-किनारे आम, जामुन, नीम, बरगद के छायादार वृक्ष लगायें इससे भवन का पर्यावरण अच्छा रहेगा। बताया गया कि पीआईयू द्वारा संभाग में 351 भवनों का निर्माण किया जाना है इसमें से 87 निर्माण कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, 219 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं जबकि 43 कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं।

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